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श्रीगंगानगर एसपी के खिलाफ वकीलों का आंदोलन जारी, आवास का घेराव कर किया प्रदर्शन

श्रीगंगानगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट जसवीर सिंह मिशन के नेतृत्व में वकीलों ने रविवार को एसपी आवास का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया.

श्रीगंगानगर एसपी के खिलाफ वकीलों का आंदोलन जारी, आवास का घेराव कर किया प्रदर्शन
श्रीगंगानगर एसपी के आवास के बाहर वकीलों का प्रदर्शन.

कुलदीप गोयल, श्रीगंगानगर: श्रीगंगानगर एसपी के तबादले की मांग को लेकर श्रीगंगानगर बार एसोसिएशन के वकीलों का 9 वें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी है. श्रीगंगानगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट जसवीर सिंह मिशन के नेतृत्व में वकीलों ने एसपी आवास का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया. हालांकि पुलिस ने वकीलों को एसपी आवास से पहले ही बेरिकेडस लगा कर रोक लिया. जिससे आक्रोशित वकीलों और पुलिस बल के बीच बेरिकेडस हटाने को लेकर जोर आजमाइश भी हुई.

वकीलों के एसपी आवास पर कूच करने की सूचना पर एसपी आवास के चारों तरफ भारी पुलिस बल तैनात रहा. वही, आंदोलन कर रहे वकीलों का कहना है कि जब तक एसपी हेमंत शर्मा का यहां से तबादला नहीं हो जाता श्रीगंगानगर के वकील काम पर नहीं लौटेंगे. इसके अलावा कार्य बहिष्कार कर रहे वकीलों द्वारा जिला कलेक्टर के नेतृत्व में बनी प्रशासनिक कमेटी की जांच के बारे में भी मांग कर रहे हैं.

चार माह पहले दर्ज हुआ था मुकदमा
गौरतलब है कि बार एसोसिएशन के एक वकील को चार माह पूर्व उसकी पत्नी ने दुष्कर्म के मामले में फंसाकर मुकदमा दर्ज करवाया था. लेकिन भारी विरोध प्रदर्शन के बाद मामले की जांच सीआईडी ने की जिसमे इस वकील को दोषी माना गया. इसके बाद जेल में बंद वकील को पोक्सो न्यायालय से सीआरपीसी की धारा 169 में रिहाई हुई.

70 दिन रहना पड़ा था जेल
वकीलों का कहना है की पुलिस की साजिश की वजह से निर्दोष वकील को 70 दिन जेल में रहना पड़ा. उन्होंने कहा कि इसके साथ साथ पुलिस की वजह से एक पिता पुत्री के रिश्ते को भी बदनाम किया गया है. 

नार्को टेस्ट के लिए नोटिस जारी
वहीं, इस मामले में अब एसपी हेमंत शर्मा की ओर से वकील का नार्को टेस्ट के लिए नोटिस जारी किया गया है. जिसके बाद जिला बार एसोसिएशन के वकीलों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने मामले में पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली को संदिग्ध बताकर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है.