अंजान नंबर से आने वाले फोन कॉल से सावधान, पाकिस्तान की हो सकती है साजिश

आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि ऐसे फोन कॉल आते तो पाकिस्तान से हैं. लेकिन आपको लगेगा कि वो कॉल हिंदुस्तान में से ही कोई शख्स कर रहा है. क्योंकि पाकिस्तान से आए फोन कॉल्स को आप तक पहुंचाने का काम हमारे ही देश में बैठे कुछ लोग कर रहे हैं. 

अंजान नंबर से आने वाले फोन कॉल से सावधान, पाकिस्तान की हो सकती है साजिश
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली: क्या आपके पास कभी अंजान नंबर से फोन कॉल आते हैं और फोन करने वाला शख्स आपसे सेना या उससे जुड़ी कोई जानकारी पूछता है? अगर हां, तो सावधान हो जाइये. क्योंकि ऐसी जानकारी पूछने वाला शख्स पाकिस्तान में बैठा ISI का कोई एजेंट या अधिकारी हो सकता है. जो आपके जरिये रूटीन जानकारी पूछकर देश में सेना की जानकारी जुटाने की कोशिश में लगा है. आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि ऐसे फोन कॉल आते तो पाकिस्तान से हैं. लेकिन आपको लगेगा कि वो कॉल हिंदुस्तान में से ही कोई शख्स कर रहा है. क्योंकि पाकिस्तान से आए फोन कॉल्स को आप तक पहुंचाने का काम हमारे ही देश में बैठे कुछ लोग कर रहे हैं. जो चंद पैसों के लिए देश से गद्दारी कर रहे हैं. 

दरअसल, सेना और पुलिस ने छापे मारकर एक गैरकानूनी टेलीफोन एक्सचेंज का भांडाफोड़ किया है. यहीं से पाकिस्तान से फोन को इंटरनेट के जरिए स्थानीय लोगों तक पहुंचाया जाता था. ये सब चीन की तकनीक की मदद से हो रहा था.

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सेना के सूत्रों के मुताबिक कुछ वक्त से जानकारी मिल रही थी कि भारत के मोबाइल नंबरों पर कुछ इंटरनेशनल नंबरों से फोन कॉल आ रहे हैं. ये जम्मू-कश्मीर में सेना की फार्मेशन और बॉर्डर पर उनकी तैनाती के बारे में जानकारी मांगते हैं. सूचनाएं मिलने पर मिलिट्री इंटेलिजेंस हरकत में आई और देश भर में फैली अपनी शाखाओं को हाईअलर्ट कर दूसरे राज्यों की पुलिस से सहयोग मांगा. 

चंद पैसों के लिए कुछ लोग कर रहे देशद्रोह

सेना की गुप्तचर शाखा को कामयाबी तब मिली जब मुंबई पुलिस ने केरला और नोएडा में 2 ऐसे अवैध फोन एक्सचेंज होने की गुप्त सूचना दी. सेना और पुलिस की साझा कार्रवाई में नोएडा और केरल के दोनों एक्सचेंज पर छापा मारा गया. कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया. सूत्रों के मुताबिक इस गिरोह के तार पाकिस्तान खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े हुए हैं जो पैसों की लालच में देशद्रोह कर रहे हैं. 

भारत में बैन है VOIP 
अब सवाल उठता है कि ये लोग कैसे पाकिस्तान के लिए जासूसी का काम करते थे. इसके लिए उन्होंने चीन की तकनीक का इस्तेमाल किया. वो तकनीक है चीन में बने सिमबॉक्स और VOIP यानि वॉयस ओवर इंटरनेस प्रोटोकॉल. 

छापेमारी में मिले हाईटेक सामान 
सेना और पुलिस को इन अड्डों से 100-100 slots वाले 2 सिम बॉक्स मिले हैं. चीन में बने इन सिमबॉक्स के साथ स्थानीय नंबर वाले 200 सिम कार्ड्स, दो राउटर, 3 मॉडम, बैटरी, एंटीना और कनेक्टर्स भी मिले हैं. आधुनिक डिजिटल तकनीक से लैस इन सिमबॉक्स के जरिये पाकिस्तान से आई इंटरनेशनल कॉल को स्थानीय लोकल GSM नंबर पर ट्रांसफर हो जाती थी. 
ये सब VOIP यानि वॉयस ओवर इंटरनेस प्रोटोकॉल के जरिये किया जाता था. यानि इंटरनेट के जरिये फोन कॉल आप तक पहुंचती थी. जिसको फोन किया जाता था उसे लगता कि वो भारत में ही किसी से बात कर रहा है. जबकि हकीकत में वो पाकिस्तान में बैठे ISI के एजेंट से बात कर रहा होता था. भारत में VOIP तकनीक पर पाबंदी है क्योंकि भारत में इसके जरिये की गई कॉल ट्रेस नहीं की जा सकती. इसलिए VOIP तकनीक देश की सुरक्षा के लिए खतरा है. 

हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने बताया कि इंडिया में VOIP बैन है. भारत में पुलिस या एजेंसियां VOIP के जरिये आई कॉल को ट्रेस नहीं कर पाती हैं. रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान के टेलीकॉम कोड +92 से आने वाली किसी भी फोन कॉल को रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को रिसीव न करने के निर्देश दिए हैं. VOIP तकनीक के गलत इस्तेमाल से जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट मोड पर ला दिया है. 

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