गड्ढ़ों को लेकर मुंबई हुई और भी फेमस, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनवाने की चल रही है तैयारी

मुंबई के रास्तों पर फैले गड्ढों को लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई कई बार आलोचना का शिकार हो चुकी है

गड्ढ़ों को लेकर मुंबई हुई और भी फेमस, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनवाने की चल रही है तैयारी
बीएमसी की बेदरकारी के चलते हर बरसात में मुंबई निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ती है (फाइल फोटो)

दिशा कटारिया, मुंबई: मुंबई के रास्तों पर फैले गड्ढों को लेकर आर्थिक राजधानी मुंबई कई बार आलोचना का शिकार हो चुकी है. बीएमसी की बेदरकारी के चलते हर बरसात में मुंबई निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ती है. बीएमसी की इसी उदासीनता को लोगों के समक्ष लाने के लिए मुंबई में एक आरपीआई कार्यकर्ता नवीन लाडे ने आर्थिक राजधानी मुंबई का नाम रेकॉर्ड्स बुक में दर्ज हो ऐसी गुजारिश की है. गड्ढों की वजह से बदनाम मुंबई का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो इसलिए नवीन लाडे ने अर्जी की है. जानकारी के मुताबिक अब तक किसी शहर का नाम गड्ढों को लेकर रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं करवाया गया है. बीएमसी के लिए तमाचे के तौर पर इस पहल के लिए नवीन ने मुंबई निवासियों से सोशल मीडिया के माध्यम से विस्तार से गड्ढों की जानकारी पहुंचाने अपील की है.

अब तक मिलीं 20 हजार से ज्यादा शिकायतें
बारिश होते ही मुंबई के हाल बेहाल हो जाते हैं. हर बार मानसून को लेकर सजग होने का दावा करने वाली बीएमसी की पोल एक-दो बारिश में ही खुल जाती है. रास्तों पर गड्ढे हैं या गड्ढ़ों पर रास्ता ये समझना भी मुश्किल हो जाता है. मुंबई में गड्ढ़ों को लेकर स्थिति में सुधार आए न आए लेकिन राजनीति काफी गरम हो जाती है. अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों द्वारा आंदोलन किए जाते हैं. एक तरफ विपक्ष प्रशासन की लापरवाही गिना रही है, वहीं बीएमसी सिर्फ कुछ ही गड्ढे भरे जाने बाकी होने का दावा कर रही है. लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है. अंधेरी के आरपीआई कार्यकर्ता नवीन लाडे को रिकॉर्ड बुक में मुंबई का नाम दर्ज करवाने के लिए मुंबई निवासियों से की गई अपील के माध्यम से अब तक 20 हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं. नवीन लाडे का कहना है कि यह आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ सकता है.

गड्ढ़ों पर होती रहती है राजनीति
जहां एक तरफ सत्ताधारी शिवसेना इस बात पर परदा डालने की कोशिश कर रही है और इसे सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट बता रही है. वहीं बीएमसी में विरोधीपक्ष के नेता रवि राजा ने इसे बीएमसी की कमजोरी बताया है. कांग्रेस का कहना है कि बीएमसी हर साल गड्ढे भरने में करोड़ों रुपये खर्च करती है. लेकिन, उसके बावजूद कोई परिणाम देखने को नहीं मिलता. कमिश्नर को इस खर्च का जवाब देना चाहिए.

रिकॉर्ड बुक ने दिया है दो हफ्ते का समय
नवीन लाडे ने रिकॉर्ड बुक के लिए की अर्जी के बाद अब तक 20 हजार से ज्यादा एविडेन्स जमा कर लिए हैं. जानकारी के मुताबिक अपना दावा साबित करने के लिए रिकॉर्ड बुक द्वारा उन्हें दो हफ्ते का समय दिया गया है. ये सारे एविडेन्स जमा करने के बाद उसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड को भेजा जाएगा. उसके बाद रिकॉर्ड बुक के अधिकारी इस बात का जायजा लेने मुंबई आएंगे. अर्जी की पुष्टि करने के बाद मामला आगे बढ़ाया जाएगा. हालांकि चौंकाने वाली बात यह है कि इस तरिके से रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज करवाने वाला मुंबई पहला शहर बन सकता है.