मराठा आरक्षण के बाद अब महाराष्ट्र में उठी मुस्लिम आरक्षण की मांग, सड़क पर उतरे लोग

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि एक और समुदाय अपने लिए आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गया

मराठा आरक्षण के बाद अब महाराष्ट्र में उठी मुस्लिम आरक्षण की मांग, सड़क पर उतरे लोग
इस मोर्चे में लाखों मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए हैं

नितिन पाटणकर, पुणे: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि एक और समुदाय अपने लिए आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गया. आपको बता दें कि अब पुणे में मुस्लिम समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर मोर्चा निकाला है. मराठा मोर्चा के तर्ज पर यह मूक मोर्चा निकाला गया है. जानकारी के मुताबिक इस मोर्चे में लाखों मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए हैं. आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलित हुए इन लोगों की प्रमुख मांग है कि मुस्लिम समाज को महाराष्ट्र में 5 फीसदी आरक्षण तुरंत दिया जाए.

गोलीबार मैदान से शुरू हुआ मुस्लिम मोर्चा
आपको बता दें कि गोलीबार मैदान से शुरू हुआ यह मुस्लिम मोर्चा सेवन लव चौक, भवानी पेठ, नरपतगिरी चौक, मालधक्का से होकर काउंसिल हॉल पहुंचा. खास बात यह रही कि इस मोर्चे में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल रहीं. मुस्लिम महिलाओं के एक शिष्टमंडल ने विभागीय आयुक्त को आरक्षण को लेकर एक निवेदन दिया जिसके बाद वहां मोर्चा खत्म हो गया.

maratha morcha

राजनीतिक पार्टियों ने किया था चुनावी वादा
जानकारी के मुताबिक मुस्लिम समाज 5 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहा है. गौरतलब है कि राजनीतिक पार्टीयों नें अपने चुनावी वादों में मुस्लिम समाज को आरक्षण की मांग की पेशकश की थी. लेकिन अब तक आरक्षण ना मिलने से मुस्लिम समाज नाराज है. और उन्होंने आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समाज के तर्ज पर मूक मोर्चा निकालना शुरू कर दिया है. यह इस श्रृखंला का पहला मोर्चा है.

maratha morcha

मुस्लिम समाज की मांगें
- मुस्लिम समाज को तुरंत 5 फीसदी आरक्षण दिया जाए
- देश भर में मॉबलिंचिंग में 78 से ज्यादा निर्दोष मुस्लिम समाज के लोगों को मारा गया है. उनके अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार कर फांसी दी जाए. 
- मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मामले में सरकार दखलअंदाजी ना करे
- वक्फ बोर्ड पर बने अवैध निर्माण हटाए जाएं
- मुस्लिम, और अन्य अल्पसंख्याक समाज पर होने वाले जातीय और धार्मिक अत्याचार पर तुरंत रोक लगाएं
- मुस्लिम समाज को एट्रोसिटी एक्ट के तहत सुरक्षा बहाल की जाए