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नागौर: मुहर्रम शुरू होते ही यह सेवा समिति खिलाती है लोगों को खिलाना, पढ़ें इसकी पूरी कहानी

बेसहारा परिवार के लोग भी इस खाने को इमाम हुसैन की नियाज समझकर ले लेते हैं. ऐसे में यह खाना बे सहारा लोगों के लिए एक जीवनदान साबित होता है. 

नागौर: मुहर्रम शुरू होते ही यह सेवा समिति खिलाती है लोगों को खिलाना, पढ़ें इसकी पूरी कहानी
बेसहारा परिवार के लोग भी इस खाने को इमाम हुसैन की नियाज समझकर ले लेते हैं.

अब्दुल रहीम, नागौर: आज के इस दौर में बेसहारा लोगों के बारे में सोचने वाले इंसान बहुत कम मिलेंगे, लेकिन नागौर के मकराना की अल मदद विकास सेवा समिति बेसहारा परिवारों की हमदर्द बनी है. ये सेवा समिति इस्लामिक साल का पहला महीना मुहर्रम शुरू होते ही 3 महीनों तक एक रोटी बैंक चलाती है. इस रोटी बैंक के जरिए मकराना के 100 से ज्यादा बेसहारा परिवारों को प्रति दिन एक समय का खाना अल मदद के सदस्य की तरफ से उनके घर पर पहुंचाया जाता है. 

बेसहारा परिवार के लोग भी इस खाने को इमाम हुसैन की नियाज समझकर ले लेते हैं. ऐसे में यह खाना बेसहारा लोगों के लिए एक जीवनदान साबित होता है. अल मदद के सदस्य मकराना शहर के आसपास के इलाकों में जाकर उन गरीब परिवारों का चयन करते हैं जिनके घर में खाना नहीं बनता है. 

समिति के सदस्यों का यह लक्ष्य होता है कि कम से कम इमाम हुसैन के इस महीने में कोई भूखा न सोए. इस रोटी बैंक के खाने को लेकर स्थानीय लोग भी अल मदद का भरपूर सहयोग करते हैं और अल मदद के सदस्य इस खाने को प्रतिदिन बनवा कर लोगों के घर पहुंचाते हैं. अल मदद की इस पहल को स्थानीय लोग काफी पसंद करते हैं. 

लोगों की मांग है कि यह रोटी बैंक पूरे साल चलाया जाए, लेकिन अल मदद को फंडिंग की समस्या आती है जिसकी वजह से यह रोटी बैंक सिर्फ 3 महीनों तक ही चलता हैं. पिछले 2 सालों से लगातार इस रोटी बैंक का आयोजन अल मदद के बैनर तले किया जा रहा है.