कांग्रेस की नेता ने नई शिक्षा नीति का किया स्‍वागत, राहुल से कहा-मैं रोबोट नहीं

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने केंद्र की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का स्वागत किया है. खुशबू सुंदर ने कहा कि इस नई शिक्षा नीति से देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा.

कांग्रेस की नेता ने नई शिक्षा नीति का किया स्‍वागत, राहुल से कहा-मैं रोबोट नहीं
खुशबू सुंदर का फाइल फोटो

चेन्नई : कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने केंद्र की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का स्वागत किया है. खुशबू सुंदर ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 एक स्वागतयोग्य कदम है. इससे देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा. पार्टी से अलग हटकर दिए गए इस बयान पर खुशबू ने पार्टी नेता राहुल गांधी से माफी मांगी है. वहीं उनके बयान ने पार्टी में खलबली मचा दी है. 

'रोबोट या कठपुतली की तरह सिर हिलाने के बजाए सच्चाई बोलती हूं'
खुशबू सुंदर ने ट्वीट करके कहा कि एनईपी 2020 (new education policy) पर मेरा रुख पार्टी के रुख से अलग है और मैं इसके लिए राहुल गांधी से माफी मांगती हूं.  लेकिन मैं रोबोट या कठपुतली की तरह सिर हिलाने के बजाए सच्चाई बोलती हूं. खुशबू ने कहा कि अपने नेता की हर बात से सहमत नहीं हुआ जा सकता. एक नागरिक के तौर पर अपनी राय को बहादुरी से रखने का साहस दिखाया जा सकता है. 

'खुशबू के ट्वीट से कांग्रेस हैरान'
विभिन्न मामलों पर राजग के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए जानी जाने वाली सुंदर के इस ट्वीट ने लोगों को हैरान कर दिया है. सुंदर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के एस अलागिरी ने कहा कि कांग्रेस दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राजनीतिक दल है. उन्होंने कहा कि हम पार्टी के मंच पर किसी भी विवादित विषय पर बात रख सकते हैं. इसका स्वागत किया जाएगा. लेकिन यदि हम सार्वजनिक तौर पर बोलते हैं तो यह अनुशासनहीनता कहलाता है. अनुशासनहीनता कुंठा से पैदा होती है. योग इसका बेहतरीन उपचार है.

शशि थरूर भी कर चुके हैं नई शिक्षा नीति का समर्थन
इससे पहले पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी नई शिक्षा नीति का स्वागत किया था. लेकिन साथ ही आशंका भी जताई थी कि इससे गरीबों के लिए शिक्षा पहुंच से बाहर हो सकती है. इसकी वजह ये है कि इस नीति में केंद्रीकरण, अत्यधिक आकांक्षा और कम व्यवहार्यता की ओर झुकाव दिखता है.  इस नीति में यह माना गया है कि निजी क्षेत्र चुनौती से निपट लेगा. थरूर ने यह भी कहा था कि एनईपी में स्कूलों में योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की अत्यधिक आवश्यकता को महत्व नहीं दिया गया. जबकि ऐसे शिक्षकों की भारी कमी है।

बीजेपी में शामिल होने की अटकलों का खंडन
सुंदर द्वारा एनईपी का स्वागत किए जाने के बाद इस प्रकार की अटकलें लगने लगी हैं कि वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकती हैं. खुशबू सुंदर ने इन अटकलों के बीच स्पष्ट किया कि वह भगवा दल में शामिल नहीं हो रही हैं.सुंदर ने अपने बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मैं बीजेपी में शामिल नहीं हो रही हूं. मेरी राय मेरी पार्टी से अलग हो सकती है. मैं एक ऐसी व्यक्ति हूं. जिसका अपना दिमाग है. हां, एनईपी 2020 में कुछ खामियां हैं. लेकिन मुझे अब भी लगता है कि हम बदलाव को सकारात्मकता के साथ देख सकते हैं. उधर उनके ट्वीट के चर्चा का विषय बनने के बाद खुशबू सुंदर ने कहा कि 'एक ट्वीट... एक पंक्ति... और मुझे तूफान आता दिख रहा है'.