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कैप्टन अमरिंदर Vs नवजोत सिंह सिद्धू: कैसे इस्‍तीफे तक पहुंची अनबन? जानें 9 अहम बातें

अगर बात करें सिद्धू और कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की, तो दोनों के बीच पिछले कई महीनों से विवाद था. पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने यहां तक कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू की नजरें उनकी मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर हैं.

कैप्टन अमरिंदर Vs नवजोत सिंह सिद्धू: कैसे इस्‍तीफे तक पहुंची अनबन? जानें 9 अहम बातें
दोनों के बीच लंबे समय से चल रही थी अनबन. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के साथ कई दिनों से जारी टकराव के बाद राज्‍य सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को सरकार से अपना इस्‍तीफा देने की जानकारी दी. उन्‍होंने ट्वीट कर कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी को भेजा अपना इस्‍तीफा पत्र सार्वजनिक किया. उन्‍होंने यह इस्‍तीफा राहुल गांधी को 10 जून को भेजा था. 

अब व‍ह अपना इस्‍तीफा मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह को भेजन की बात कह रहे हैं.  लेकिन अगर बात करें सिद्धू और कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की, तो दोनों के बीच पिछले कई महीनों से विवाद था. पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने यहां तक कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू की नजरें उनकी मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर हैं.

 

1. लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का ठीकरा कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर ही फोड़ा था. उन्‍होंने कहा था कि भारत में खासकर सर्विसमैन को यह बात बर्दाश्त नहीं है कि भारत का कोई व्यक्ति पाकिस्तानी सेना के जनरल को वहां जाकर गले लगाए. बता दें कि अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तानी सेना के जनरल बाजवा को गले लगाया था. इसके बाद उनकी खूब आलोचना हुई थी. इसके बाद भी उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आया था.

2. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के मना करने के बावजूद नवजोत सिंह सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखने के लिए पाकिस्तान के बुलावे पर वहां गए थे. वहां से लौटने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने उनसे इस बाबत पूछा तो सिद्धू ने कहा था कि वह कांग्रेस के कैप्टन राहुल गांधी की इजाजत पर पाकिस्तान गए थे. अमरिंदर सिंह की ओर से मना किए जाने के सवाल पर सिद्धू ने उन्हें अभिभावक बताते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया था.

3. जून 2019 में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपनी सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए आठ सलाहकार समूहों का गठन किया है लेकिन उनमें राज्य के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को शामिल नहीं किया गया है. एक आधिकारिक बयान के अनुसार सिद्धू और चिकित्सकीय शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी को किसी भी समूह का हिस्सा नहीं बनाया गया है. इन समूहों में कुछ विधायक और अधिकारी शामिल हैं.


नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी को भेजा अपना इस्‍तीफा. फोटो ANI

4. जून 2019 में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से तकरार के बीच गुरुवार को पंजाब कैबिनेट फेरबदल में सिद्धू से स्थानीय शासन, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग वापस ले लिया गया. उन्हें ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग सौंपा गया. कैबिनेट की एक बैठक से सिद्धू के दूर रहने के कुछ घंटों बाद यह फेरबदल किया गया, जिसमें ज्यादातर मंत्रियों के विभाग बदल दिए गए. 

5. मई में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था, "मंत्री के रूप में सिद्धू के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी क्योंकि वह अपना विभाग अच्छे से नहीं चला पा रहे हैं." सिंह ने सिद्धू पर निशाना साधते हुए कहा था, "उनके पास शहरी विकास मंत्रालय है और कांग्रेस शहरी क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई." उन्होंने यह भी कहा कि बेअदबी के मामले में सिद्धू की टिप्पणी से भटिंडा में पार्टी को नुकसान हुआ.

6. नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब उन्होंने मंत्रालय संभाला तब 'दिशाहीन जहाज' था. उन्होंने कहा, "पिछले दो वर्षों में मेरे विभाग ने 6000 करोड़ का राजस्व हासिल किया है और सभी प्रोजेक्ट पर तेज गति से चल रहे हैं.  सिद्धू ने कहा था, "आठ या नौ लोग मुझे पार्टी से बाहर निकलवाना चाहते हैं लेकिन मैं उनके खिलाफ कभी कुछ नहीं बोला. मेरे विभाग के पास पांच पैसे भी नहीं है. विभाग के अधिकारियों को सैलरी देने के पैसे नहीं है. कोई विजन नहीं है, कोई जिम्मेदारी नहीं और इसकी फंक्शनिंग को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा."

 

7. सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच काफी अरसे से मनमुटाव चल रहा है. अमरिंदर ने हाल ही में सिद्दू की खुलकर आलोचना करते हुए कहा था सिद्धू की पाकिस्तान आर्मी चीफ से यारी और झप्पी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

8. पंजाब सरकार के मंत्री राणा गुरमीत ने मंत्रिमंडल के सदस्य नवजोत सिंह सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाए थे. राणा ने आरोप लगाया था कि सिद्धू जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि वह पंजाब में तख्तापलट करना चाहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटाकर खुद इस पद पर बैठना चाहते हैं.

9. सिद्धू पर निशाना साधते हुए कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने भी कहा था कि मेरे और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टिप्‍पणियों का कोई भी युद्ध नहीं चल रहा है. अगर वह महत्‍वाकांक्षी हैं तो ठीक है, लोगों के पास महत्‍वाकांक्षाएं होती हैं. उन्‍होंने कहा कि मैं सिद्धू को बचपन से जानता हूं. वह पंजाब के मुख्‍यमंत्री बनना चाहते हैं और इसके लिए वह मुझे हटाना चाह रहे हैं.