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शरद पवार अब ED ऑफिस नहीं जाएंगे, मुंबई के पुलिस कमिश्नर की बात मानी

मनी लांड्रिंग मामले में नामित NCP अध्यक्ष शरद पवार अपने आप ED ऑफिस में पेश हुए.

शरद पवार अब ED ऑफिस नहीं जाएंगे, मुंबई के पुलिस कमिश्नर की बात मानी

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) ने मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे की अपील पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ऑफिस में पेश होने का अपना फैसला वापस ले लिया है. पुलिस अफसरों ने पवार से ईडी दफ्तर नहीं जाने का अनुरोध किया था ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे. इससे पहले राजनीतिक गलियारों में काफी गहमा-गहमी मची हुई थी. दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पवार खुद ईडी दफ्तर में पेश होने वाले थे. इससे पहले एनसीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया. कुछ गड़बड़ी न हो इसके मद्देनजर मुंबई पुलिस को 7 थाना इलाकों में धारा 144 लगानी पड़ी. एजेंसी ने भी एनसीपी प्रमुख पवार से अपील की थी कि बिना बुलाए ईडी ऑफिस न आएं. 

उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा है कि सरकार द्वारा निशाना बनाए जाने वाले शरद पवार विपक्ष के नए नेता हैं. महाराष्ट्र में चुनाव से एक महीना पहले इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक अवसरवाद की पुनरावृत्ति है.

मुंबई में एनसीपी कार्यकर्ताओं के हंगामे पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि क्या हो रहा है? ईडी को इस मामले पर सरकार के साथ चर्चा करनी चाहिए थी. पवार जी एक बड़े नेता हैं, उनके समर्थक पूरे राज्य में मौजूद हैं तो निश्चित रूप से कुछ प्रतिक्रिया तो जरूर होगी.

ईडी और शरद पवार का क्या प्लान है? आइए इसको समझते हैं-

दरअसल, शरद पवार राजीनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं. वह चक्रव्यूह को रचना और भेदना दोनों जानते हैं. गेम प्लान बनाने में उनकी महारत है. ज़ी न्यूज़ आपको शरद पवार के गेमप्लान और ईडी के जवाबी गेमप्लान की जानकारी देने जा रहा है.

#पवार का गेम प्लान-
पहला- सामने से जाकर ये दिखाने की कोशिश करना कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है, इसलिए वो खुद ही चलकर ईडी के समक्ष पेश होने आए हैं. (राजनीतिक फायदा उठाना)

दूसरा- पहले ही चले जाने से शरद पवार आने वाले दिनों में चुनाव कैंपन के बीच संभावित किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं. (इससे ईडी पर दबाव होगा कि जब तक पूरी तैयारी ना हो शरद पवार पर हाथ ना डाला जाए)

तीसरा- शरद पवार अपनी इस लड़ाई को दिल्ली बनाम महाराष्ट्र की शक्ल देना चाहते हैं, जिससे यह दिखाया जा सके कि दिल्ली में बैठे लोग महाराष्ट्र के बड़े नेता को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. (पवार खुद को विक्टिम की तरह से पेंश करना चाहते हैं)

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वहीं, ईडी के सूत्र बताते हैं कि पवार के खुद-ब-खुद पेश होने से वे लोग हैरान हैं. मगर प्रवर्तन निदेशालय एनसीपी चीफ पवार के इस गेमप्लान के जवाब में अपना गेम प्लान तैयार कर लिया है.

#ईडी का प्लान-

पहला- ईडी शरद पवार से आज (27 सितंबर) कोई पूछताछ नहीं करेगी. ज्यादा से ज्यादा महज कागजी खानापूर्ति की जाएगी.

दूसरा- शरद पवार से पूछताछ करने के पहले ईडी उनसे जुड़े सारे सबूतों को जुटा लेना चाहती है. सारे पेपर वर्क पूरे किए जाएंगे. शरद पवार से क्या सवाल किए जाएं, इसकी भी पूरी लिस्ट तैयार की जायेगी. मतलब तैयारी इस लेबल की होगी कि शरद पवार को बचने को काई मौका किसी भी तरह से ना मिले.

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तीसरा- ईडी अब पवार को 15-25 अक्टूबर के बीच में बुलाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी तैयारी पूरी हो जाए.