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जयपुर: रेप पीड़िता का आरोप, NIMS University के चेयरमैन को पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तार

पीड़िता की मानें तो आमेर पुलिस मिलीभगत के चलते जानबूझकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है.

जयपुर: रेप पीड़िता का आरोप, NIMS University के चेयरमैन को पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तार
पीड़िता ने रविवार को अपनी बात रखते हुए बीएस तोमर पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

जयपुर: निम्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन बीएस तोमर पर लगे दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ सामने आया है. पीड़िता के मुताबिक, शनिवार को दुष्कर्म के मामले में चेयरमैन बीएस तोमर के परिजनों की ओर से प्रेस वार्ता की गई थी, जिसमें पीड़िता पर ही ब्लैकमेल करने के आरोप लगाये गए थे. इसके बाद रविवार को पीड़िता ने अपनी बात रखते हुए बीएस तोमर पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, चंदवाजी स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. बीएस तोमर के खिलाफ एक महिला कर्मचारी ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर आमेर थाने में मामला दर्ज कराया था. पीड़िता का आरोप था कि तोमर ने तीन साल तक जयपुर और दिल्ली ले जाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और वीडियो बनाया.

पहले मुकदमा भी दर्ज नहीं किया गया था 
पीड़िता के मुताबिक, शुरुआत में जब वह आमेर थाने गयी थी, तो उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था. पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने के बाद मुकदमा दर्ज तो हो सका, लेकिन पुलिस ने मामले में जांच को आगे नहीं बढ़ाया. यहां तक की निम्स के निदेशक बीएस तोमर को मामले में दोषी भी नहीं माना लेकिन जब मामला पुलिस कमिश्नरेट से पुलिस मुख्यालय पहुंचा तो पीएचक्यू की क्राइम ब्रांच ने बीएस तोमर को मामले में दुष्कर्म का दोषी माना  लेकिन जयपुर पुलिस अब तक आरोपी तोमर को गिरफ्तार नहीं कर रही है. 

पीड़िता के अनुसार, मुकदमे में 2 अन्य लोगों के भी नाम शामिल हैं लेकिन पुलिस की ओर से उन आरोपियों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. पीड़िता की मानें तो आमेर पुलिस मिलीभगत के चलते जानबूझकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है.

Edited By : Laxmi Upadhyay, News desk