'हर हफ्ते हाजिर हों', प्रज्ञा ठाकुर समेत मालेगांव ब्‍लास्‍ट के आरोपियों को NIA कोर्ट का फरमान

29 सितंबर, 2008 को मालेगांव शहर में दो बम धमाके हुए थे जिसमे 7 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 80 लोग जख्मी हुए थे.

'हर हफ्ते हाजिर हों', प्रज्ञा ठाकुर समेत मालेगांव ब्‍लास्‍ट के आरोपियों को NIA कोर्ट का फरमान
एनआईए कोर्ट ने दिया आदेश. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : 2008 में हुए मालेगांव ब्‍लास्‍ट केस की सुनवाई कर रही मुंबई की एनआईए कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपियों की अदालत में उपस्थिति न होने के कारण नाराजगी जताई. एनआईए कोर्ट ने आदेश दिया कि मालेगांव ब्‍लास्‍ट के सभी आरोपियों को हफ्ते में कम से कम एक बार कोर्ट में पेश होना होगा. बता दें कि भोपाल से बीजेपी उम्‍मीदवार साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत अन्‍य लोग मालेगांव ब्‍लास्‍ट के आरोपी हैं. कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 20 मई तय की है.

 

29 सितंबर, 2008 को मालेगांव शहर में दो बम धमाके हुए थे जिसमे 7 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 80 लोग जख्मी हुए थे. इस केस आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित पर IPC की धारा 120 B , 302, 307, 304, 326 , 427 153 A के तहत केस दर्ज किया गया साथ ही UAPA और MCOCA की भी गंभीर धारायें लगाई गयी थी ,हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा सिंह और कर्नल पुरोहित पर से MCOCA के तहत लगे आरोपो को हटा दिया था.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत 14 लोगों पर इस बम धमाके करने और उसकी साज़िश में शामिल होने के आरोप लगे है . फिलहाल मामले के सभी आरोपी बेल पर जेल से बाहर है. इस केस की जांच शुरू में महाराष्ट्र की ATS ने किया, जिसे बाद में NIA को सौंप दिया गया. ATS चीफ हेंमत करकरे ने मामले की शुरुआती जांच की, जो 26/11 मुंबई हमले में शहीद हो गए थे.