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बकरीद पर नहीं माने गए कोर्ट के आदेश, धड़ल्ले से सोसायटियों में दी जा रही कुर्बानी!

आपको बता दें कि बीते 6 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि बकरीद के मौके पर मुंबई में घर, फ्लैट या सोसायटी में कुर्बानी नहीं दी जाएगी. 

बकरीद पर नहीं माने गए कोर्ट के आदेश, धड़ल्ले से सोसायटियों में दी जा रही कुर्बानी!
बॉम्बे हाई कोर्ट. (फाइल फोटो)

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट‌ के आदेश के बावजूद भी हाउसिंग सोसायटियों में खुले तौर पर जानवरों की कुर्बानी हो रही है. मुंबई के अलग-अलग इलाकों सहित महाराष्ट्र के कई इलाकों में इस बाबत शिकायत भी दर्ज कराई जा चुकी है. आपको बता दें कि बीते 6 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि बकरीद के मौके पर मुंबई में घर, फ्लैट या सोसायटी में कुर्बानी नहीं दी जाएगी. कोर्ट के इस आदेश के बाद कुर्बानी के लिए बीएमसी की ओर से दिए गए लगभग 7 से 8 हजार परमीट रद्द हो गए. 

कोर्ट का आदेश ना मानकर हाउसिंग सोसायटी में दी गई जानवरों की कुर्बानी की ये शिकायत महाराष्ट्र के चिपलुण से आई है. हालांकि ये हालात सिर्फ महाराष्ट्र के दूर-दराज के इलाकों में ही नहीं बल्कि मुंबई के समीप नवी मुंबई, पनवेल में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं. एक वीडियो सामने आया है जिसमें कई लोग खुली जगह पर कुर्बानी देते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो मुंबई महानगर पालिका के घाटकोपर स्थित एक सोसायटी का बताया जा रहा है. विडियो में दिखाई दे रहा खून कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रहा है. अदालत में इस मामले को ले जाने वाली वकील सिद्या वैद्य के मुताबिक कई और ऐसी शिकायतें हैं जिन्हें शुक्रवार को अदालत के सामने रखा जाएगा. 

लाइव वीडियो देखें-

सिद्या वैद्य ने कहा कि सोसायटी में खुले तौर पर कुर्बानी देना चिंता की बात है. इससे आम लोगों को तो तकलीफ होती है साथ ही कुर्बानी देने वाले लोगों के लिए भी यह हानिकारक है. इससे फूड सेफ्टी नियमों की अवहेलना होती है. कोर्ट के आदेश के बाद भी कई इलाकों से खुले में कुर्बानी की शिकायत मिली है. उन्होंने कहा कि इस मामले को 16 अगस्त को कोर्ट के सामने रखा जाएगा.  

आपको बता दें कि संवेदनशील इलाकों में सड़कों पर पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है. देवनार और दूसरे कत्लखाने से निकलने वाले मीट की रसीद और गाडियों की जांच के लिए पुलिस बंदोबस्त और औचक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वाड भी तैनात किए गए हैं. इसके बाद भी इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं जिनमें सरकारी आदेश की अवहेलना की गई है. 

दरअसल, बकरीद के दिन मुंबई के घर, फ्लैट और सोसायटी में खुले में दी जाने वाली कुर्बानी को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था बकरीद कुर्बानी के साथ ही होली, दशहरा के दिन पशुबलि दी जाती है.

याचिका में मांग की गई थी कि कुर्बानी के लिए बीएमसीए की तरफ से दिए जाने वाले परमीट पर पाबंदी लगाई जाए. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किया था. हालांकि कोर्ट के आदेश की अवहेलना के कई मामले सामने आने के बाद से याचिकाकर्ता इस मामले को शुक्रवार को फिर से कोर्ट के संज्ञान में लाने की तैयारी कर रहे हैं.