अब हिमाचल की वादियों में घूमने जाने के लिए 'ई-पास' की जरूरत नहीं, ये है गाइडलाइन

इस निर्णय के बाद बिलासपुर जिले में नैना देवी का लोकप्रिय मंदिर, ऊना जिले में चिंतपूर्णी, हमीरपुर जिले में बाबा बालक नाथ, कांगड़ा जिले में ब्रजेश्वरी देवी, ज्वालाजी और चामुंडा देवी और शिमला जिले में भीमाकली और हटकेश्वरी में भक्तों का आगमन शुरू हो गया है.

अब हिमाचल की वादियों में घूमने जाने के लिए 'ई-पास' की जरूरत नहीं, ये है गाइडलाइन
फाइल फोटो

शिमला: राज्यों के बीच यात्रा करने के दौरान अब हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) जाने के लिए ई-पास (E- pass) की जरूरत नहीं होगी. राज्य ने यात्रा से पहले ई-पास लेने की पहले के नियम को बुधवार से खत्म कर दिया है और बिना किसी पास के राज्य में यात्रा करने की अनुमति दे दी है.

मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय
मंगलवार को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर (Jay Ram Thakur) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया. इससे पहले मंत्रिमंडल ने कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए 15 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी रखने का फैसला किया था. अब कोई भी व्यक्ति चाहे वह हिमाचल प्रदेश का निवासी हो या पर्यटक हो, ई-पास के बिना राज्य में प्रवेश कर सकता है.

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6 महीने से मंदिर बंद थे
कुछ ही दिन पहले राज्य ने 10 सितंबर से मंदिरों को फिर से खोलने का फैसला किया था. कोरोना के चलते राज्य में 6 महीने से मंदिर बंद थे. इस निर्णय के बाद बिलासपुर जिले में नैना देवी का लोकप्रिय मंदिर, ऊना जिले में चिंतपूर्णी, हमीरपुर जिले में बाबा बालक नाथ, कांगड़ा जिले में ब्रजेश्वरी देवी, ज्वालाजी और चामुंडा देवी और शिमला जिले में भीमाकली और हटकेश्वरी में भक्तों का आगमन शुरू हो गया है. (इनपुट आईएएनएस)