close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

अब उत्तराखंड में मदरसे खोलने की तैयारी में RSS

आरएसएस लंबे समय से इस पर काम कर रहा है. उत्तराखण्ड में हर जिले में एक मदरसा खोले जाने की योजना है.

अब उत्तराखंड में मदरसे खोलने की तैयारी में RSS
फाइल फोटो

मनमोहन भट्ट, देहरादूनः आरएसएस अब उत्तराखंड में मदरसे खोलने की तैयारी में है. इसके लिए सभी तयारी पूरी हो चुकी है. अगले सत्र से यहां नए आधुनिक मदरसे में पढ़ाई शुरू हो जाएगी. राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के जरिये ये मदरसे खोले जाने हैं. राष्ट्रीय मुस्लिम मंच आरएसएस का ही सहयोगी सन्गठन है. इसके जरिये मुस्लिम समुदाय के युवाओं को बेहतर शिक्षा देकर कहीं न कहीं बीजेपी की पैठ मुस्लिम समुदाय में बनाने की तयारी है.

उत्तरखण्ड में इस समय करीब 20 हज़ार से ज्यादा बच्चे राज्य के 297 मदरसों में तालीम ले रहे हैं. आरएसएस की चिंता ये है कि इन मदरसों में आधुनिक शिक्षा का अभाव है. जो भी छात्र मदरसों में पढ़ाई कर रहे हैं उनको सिर्फ मुस्लिम धर्म की ही शिक्षा दी जाती रही है. जबकि आज के दौर में परम्परागत पढ़ाई के साथ साथ कम्प्यूटर और विज्ञान की पढ़ाई की भी आवश्यकता है. 

आरएसएस लंबे समय से इस पर काम कर रहा है. उत्तराखण्ड में हर जिले में एक मदरसा खोले जाने की योजना है. इसके लिए राज्य सरकार से भी बातचीत चल रही है. सबसे पहले देहरादून में ही आधुनिक मदरसा खुलेगा. आरएसएस के मदरसे के लिए लिये राज्य सरकार भी जमीन दे सकती है.

उत्तराखंड में आरएसएस के राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की महिला विंग की अध्यक्ष सीमा जावेद का कहना है कि " अभी तक जो पढ़ाई मदरसों में हो रही है वो आधुनिक नही है. हमारा मकसद है कि ऐसे आधुनिक मदरसे तैयार किये जायें जहां सभी प्रकार के आधुनिक विषय पढ़ाये जायेंगे. इसका मकसद युवाओं को बेहतर शिक्षा देना है."

उधर उत्तराखण्ड के मदरसों को भी अभी तक सरकारी मान्यता नही मिली है ऐसे में आरएसएस कैसे आधुनिक शिक्षा प्रदान कर पायेगा इस पर सीमा ने कहा कि "मदरसे शुरू करने से पहले मान्यता ली.जाएगी ताकि किसी छात्र का भविष्य खराब न हो." मान्यता के मुद्दे पर मदरसा बोर्ड के सब रजिस्ट्रार अखलाख अंसारी का कहना है " मान्यता से सम्बंधित नियमावली तैयार हो चुकी है. इसे सरकार को भेज दिया गया है. जैसे ही अनुमति मिलेगी इस पर कार्रवाई करते हुए मान्यता भी देनी शुरू होगी" 

इधर राज्य के मौलाना आरएसएस के मदरसे खोलने का खुलकर तो विरोध नही कर रहे हैं मगर आशंका जरूर जाहिर कर रहे हैं. देहरादून के एक.मौलाना रईस अहमद काजमी का कहना है " केंद्र और राज्य दोनो जगह बीजेपी की सरकार है. पहले उनको मदरसा खोलने दीजिये फिर हम बताएंगे कि मदरसा कैसे चलता है. अभी तो मदरसों की मान्यता ही नही है. ये कैसे चलाएंगे ये देखना बाकी है."

खैर मदरसों में क्या पढ़ाया जाएगा और कैसे पढ़ाया जाएगा ये तो बाद में ही पता चलेगा. लेकिन मदरसों में आरएसएस अपनी पैठ बनाने के लिए आगे बढ़ चला है.