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एड्स की गिरफ्त में राजस्थान का चूरू जिला, 456 मामले आए सामने

पिछले 8 सालों में इस बीमारी से अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है. 

एड्स की गिरफ्त में राजस्थान का चूरू जिला, 456 मामले आए सामने
प्रतीकात्मक फोटो

नरेंद्र राठौड़, चुरू: चूरू(Churu) जिले में एड्स(AIDS) जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा मंडराने लगा है. ये खतरनाक बीमारी लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है. हर रोज एड्स पीड़ित रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. ताजुब्ब की बात ये है कि इस बीमारी की चपेट में बच्चे भी शामिल है, महिलाओं से ज्यादा पुरूष एड्स की चपेट में है.

पिछले 8 सालों में इस बीमारी से अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि राजकीय डीबी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक जिले में 456 रोगी पंजीकृत हो चुके हैं. जिसमें 233 पुरुष, 177 महिलाएं और 27 लड़के और 19 लड़कियों में एड्स की पहचान हुई है. एड्स के कुल रजिस्टर्ड मरीजों में केवल 377 मरीज ही नियमित दवाई ले रहे हैं.  
 
चूरू में लगातार बढ़ रहे एड्स के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं. एड्स रोगियों को राहत देने के लिए राजकीय डीबी अस्पताल में एआरटी सेन्टर संचालित किया जा रहा है. पहले मरीजों को इलाज के लिए झुंझुनूं, सीकर या बीकानेर जाना पड़ता था. विशेषज्ञों की मानें तो गर्भवती महिलाओं और नवजातों को सर्वाधिक खतरा है. विशेषज्ञ सेंटर पर मरीजों की काउंसलिंग की बात कह रहे हैं.

कैसे फैलता है एड्स
असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स फैलने की संभावना काफी ज्यादा होती है. एक ही सिरिंज और सुई का इस्तेमाल अगर बार-बार किया जाए तो इससे भी संक्रमण फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है. एचआईवी संक्रमित रक्त से दूषित सुई का इस्तेमाल करने से एड्स फैलता है. संक्रमित महिला के शिशु को स्तनपान कराने से भी यह हो सकता है.

राज्य सरकार ने एड्स पीड़ितों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रखी है. लेकिन जानकारी के अभाव में कुछेक पीड़ित ही इसका फायदा उठा पा रहे हैं, वहीं इनमें से ज्यादातर लोकलाज के भय से भी लोग अपनी बीमारी को छिपा रहे हैं. ऐसे में जागरूकता के जरिए ही एड्स से बचाव किया जा सकता है.

एड्स की गिरफ्त में चूरू जिला  
कुल रजिस्टर्ड मरीज- 456
पुरुष- 233
महिलाएं- 177
लड़के- 27
लड़कियां- 19
कुल मौत- 37
(2011 से अबतक की स्थिति, एआरटी सेन्टर से प्राप्त जानकारी)

WRITTEN BY- SUJIT KUMAR NIRANJAN