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ZEE RAJASTHAN रियलिटी चेक: लाख कोशिशों के बाद भी साहब नहीं पहुंचे टाइम पर ऑफिस

सरकार लाख दावे करे लेकिन जी मीडिया की टीम ने राजधानी जयपुर के दूदू में रियल्टी चेक किया तो हालात कुछ और ही बयां हुए. 

ZEE RAJASTHAN रियलिटी चेक: लाख कोशिशों के बाद भी साहब नहीं पहुंचे टाइम पर ऑफिस
सरकारी कार्यालय में खाली पड़ी साहब की कुर्सी.

जयपुर: प्रदेश सरकार(State Government) अधिकारियों को समय से दफ्तर पहुंचने के कई बार सख्त आदेश दे चुकी है. लेकिन अधिकारियों की लेटलतीफी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. प्रशासनिक सुधार विभाग की टीम लगातार सरकारी दफ्तरों में छापेमार कार्रवाई कर रही है. जिससे अफसरों की कार्यप्रणाली सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार अफसरों की लापरवाही को देखेत हुए.सरकार ने सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

इसी मामले में जी मीडिया की टीम ने भी राजधानी जयपुर के दूदू में रियल्टी चेक किया तो. हालात कुछ और ही बयां हुए. दूदू की पंचायत समिति, तहलील कार्यालय और डीटीओ कार्यालय को छोड़ कर 7 कार्यालयों में विभागों के आधे से ज्यादा कर्मचारी नदारद मिले. 

इससे पहले जी मीडिया ने जयपुर ग्रामीण के कोटपूतली क्षेत्र में भी अधिकतर कार्यालयों का रियल्टी चैक किया था. जिसमे भी कुछ ऐसे ही हालत मिले थे. इस रियल्टी चैक का उद्देश्य जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराना है. ताकि जनता को सरकारी कार्यों के लिए भटकना ना पड़े. और समय से सभी के काम पूरे हो सकें.

कैसे हुआ खुलासा
रियल्टी चेक के अनुसार जी मीडिया की टीम सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर दूदू उपखण्ड कार्यालय पहुंची. यहां एसडीएम का ऑफिस तो खुल गया था. लेकिन एसडीएम के ऑफिस में केवल एक चतुर्थ कर्मचारी के अलावा कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था. ऑफिस में फ़ंका-AC सब एसडीएम के आने से पहले चालू थे.

जी मीडिया की टीम जब दूदू के बीसीएमएचओ कार्यालय पहुंची तो 2 कर्मचारियों के अलावा तीसरा कोई कर्मचारी नहीं था. दूदू के विद्यूत विभाग कार्यालय में भी छोटे कर्मचारी ही कार्यालय पहुंचे थे. लेकिन जिम्मेदार एक्सईएन, एईएन और जेइएन नहीं थे.

दरअसल प्रदेशभर के हजारों लोग कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज के लिए चक्कर लगाते हैं. कर्मचारियों के लेट आने का खामियाजा आमजनता को ही भुगतना पड़ता है. कर्मचारी सुबह ऑफिस देरी से पहुंचते हैं. जिसके चलते दूरदराज इलाकों से आने वाले लोग परेशान होते नजर आते हैं.