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International Girls Day: मजदूर की बेटी सोनम बनीं एक दिन की प्रिंसिपल, कुछ इस तरह जताई खुशी

पूरे देश में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस(International Girls Day) सेलिब्रेट किया जा रहा था. इस मौके पर राजस्थान(Rajasthan) की बेटी को एक सुनहरा मौका मिला. वो था एक दिन की प्रिंसिपल बनने का.

International Girls Day: मजदूर की बेटी सोनम बनीं एक दिन की प्रिंसिपल, कुछ इस तरह जताई खुशी
इस बेटी का उत्साह देखते बन रहा था.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: पूरे देश में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस(International Girls Day) सेलिब्रेट किया जा रहा था. इस मौके पर राजस्थान(Rajasthan) की बेटी को एक सुनहरा मौका मिला. वो था एक दिन की प्रिंसिपल बनने का. 

जी, हां शुक्रवार को सभी स्कूलों में संस्था प्रधान स्कूल की मेधावी को बनाया गया. संस्था प्रधान की कुर्सी पर बैठने के अलावा कक्षाओं का निरीक्षण और अन्य सभी काम-काज स्कूल की छात्राओं ने बतौर प्रिंसिपल काम किए.  

झुंझुनूं के उदावास स्कूल की छात्रा बनी प्रिंसिपल
इस कार्यक्रम के तहत बात करते है झुंझुनूं(Jhunjhnu) के उदावास स्कूल की. जहां पर 12वीं कक्षा की छात्रा सोनमकुमारी को ना केवल प्रिंसिपल की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला. बल्कि दिनभर स्कूल समय में सोनम ने वो सारे काम किए और एक प्रिंसिपल के रूप में रोज होते है. 

मजदूर की बेटी को मिला मौका
हालांकि ऐसा ही कार्यक्रम प्रदेश की सभी स्कूलों में हुआ है. लेकिन झुंझुनूं में एक मजदूर की बेटी को संस्था प्रधान का कार्यभार ग्रहण करवाने के लिए शिक्षा विभाग और महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारी भी पहुंचे. साथ ही मिठाई खिलाई और स्कूल के विकास को लेकर चर्चा की.

छात्रा ने बताया जीवन का महत्वपूर्ण दिन
सोनम ने भी बताया कि वह दिनभर एक प्रिंसिपल की तरह काम करके काफी खुश है और एक प्रिंसिपल की जिम्मेदारियों का भी उसे अहसास हुआ है. उसने इस दिन को अपने जीवन का महत्वपूर्ण दिन बताया है.

अधिकारियों ने खिलाई मिठाई
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अमरसिंह पचार भी इस मौके पर पहुंचे और उन्होंने महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला तथा स्कूल के प्रिंसिपल राकेश ढाका की मौजूदगी में उन्हें कार्यभार ग्रहण करवाया और इस मौके पर मुंह भी मीठा करवाया. 

जानिए क्या कह रहे हैं अधिकारी
पचार ने बताया कि जिले की 486 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में आज मेधावी बेटियों को एक दिन का प्रिंसीपल बनाया गया है. ना केवल सोनम, बल्कि हर जगह पर बेटियों को अच्छा लगा और पूरी संजीदगी के साथ सभी जगहों पर संस्था प्रधान का कार्यभार संभाला गया है. इस मौके पर डीईओ एलीमेंट्री प्रमोद आबूसरिया तथा एडीईओ सैकंडरी महेश सिलायच आदि मौजूद थे.

झुंझुनूं का नवाचार, पूरे प्रदेश में लागू
समसा आयुक्त प्रदीप कुमार बोरड़ के निर्देश पर शुक्रवार को यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में हुआ. जो बेटियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं था. बोरड़ जब झुंझुनूं कलेक्टर थे. तभी उन्होंने कलेक्टर द्वारा गोद ली गई बेटियों रहीसा बानो और वंदना जांगिड़ को कलेक्टर की कुर्सी पर बैठाया था और उनमें आत्मविश्वास पैदा किया था. अब वे ये नवाचार पूरे प्रदेश में फैला रहे है. ताकि बेटियां और बेटियों के परिजन खुद को कमजोर ना समझें. महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक विप्लव न्यौला ने इसके लिए बोरड़ को बधाई दी.

झुंझुनूं में एक दिन की कलेक्टर बन चुकी है दो बेटियां
ना केवल उदावास, बल्कि हर गांव और ढाणी में स्थित सरकारी स्कूलों में जब बेटियां प्रिंसीपल बनीं और कुर्सी पर बैठी तो मानों वह किसी सपनें के साकार होने जैसा था. लेकिन साथ ही साथ कुर्सी पर बैठने के बाद उनके टारगेट और उनकी सोच में भी इजाफा हुआ है. इस बात से इंकार नहीं किया सकता. समसा आयुक्त प्रदीप बोरड़ ने झुंझुनूं कलेक्टर पद पर रहते हुए तो मेधावी बेटियों को एक दिन का कलेक्टर ही बना दिया था. ऐसे में अभी भी वे बेटियां उस एक दिन को आज भी जेहन में रखकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है. बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान में भी इस कदम को सहयोग मिलेगा.