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मुंबई में एक और बच्चे की गड्ढे में गिरकर मौत, डेढ़ साल का दिव्‍यांशु अब भी लापता

हादसा मुंबई के वर्ली इलाके में हुआ. कहा जा रहा है कि कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के लिए एक गड्ढा खोदा गया था. इसी गड्ढे में 12 साल का बबलू कुमार गिर गया.

मुंबई में एक और बच्चे की गड्ढे में गिरकर मौत, डेढ़ साल का दिव्‍यांशु अब भी लापता

मुंबई: मुंबई में लापरवाही के कारण मासूमों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है. शनिवार को मुंबई में एक बच्चे की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई. ये हादसा मुंबई के वर्ली इलाके में हुआ. कहा जा रहा है कि कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के लिए एक गड्ढा खोदा गया था. इसी गड्ढे में 12 साल का बबलू कुमार गिर गया.

स्थानीय लोग उसे बाहर निकालकर नायर हास्पिटल ले गए. हास्पिटल में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इससे पहले बुधवार की रात को डेढ़ साल का मासूम दिव्यांशु खुले मैनहोल में गिर गया था. तब से लेकर अब तक उसका कोई पता नहीं लगाया जा सका है. अब इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल दी है.

दो साल पहले परेल में एक नामचीन डॉक्टर की मौत भी खुले मैनहोल में गिरने से हुई थी. इसके बाद बीएमसी ने फैसला किया था कि हर मैनहोल में सुरक्षा के लिए जाली लगाई जाएगी. लेकिन हालात जस के तस हैं. मुंबई में कई जगहों पर खुले मैनहोल वाले गटर हैं, जिसमे गिरकर किसी की भी जान जा सकती है.

दिव्यांशु के साथ हुए हादसे के बाद जब ज़ी न्यूज खुले मैनहोल वाले गटर की पड़ताल के लिए निकला तो पाया कि गटर अब भी खुले हैं. इनमें  गिरकर किसी के साथ भी कोई हादसा हो सकता है. लेकिन दिव्यांशु के साथ हुए हादसे के बावजूद बीएमसी ने कोई सबक नहीं लिया है. मुंबई में कई जगहों पर ऐसे ही खुले मैनहोल वाले गटर हैं जिसमें गिरकर कभी भी किसी की भी मौत हो सकती है. मुम्बई में लगभग 3.5 लाख मैनहोल  वाले गटर हैं, जिसमें ढक्कन लगे हुए हैं लेकिन कई गटर खुले मैनहोल वाले भी हैं.

दिव्यांशु ऐसे ही एक खुले मैनहोल वाले गटर में गिर गया. दिव्यांशु का परिवार इस सदमें से अभी तक नहीं उबर पाया है. इस हादसे के लिए वो पूरी तरह बीएमसी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

इनपुट : व‍िनय तिवारी