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श्रीगंगानगर: चिकित्सकों की कमी के चलते खुद बीमार है अनूपगढ़ का राजकीय चिकित्सालय

श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में चिकित्सकों के अभाव में अनूपगढ़ का राजकीय चिकित्सालय दम तोड़ता हुआ नजर आ रहा है. अनूपगढ़ का राजकीय चिकित्सालय प्रतिनियुक्ति पर लगे दो चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है.

श्रीगंगानगर: चिकित्सकों की कमी के चलते खुद बीमार है अनूपगढ़ का राजकीय चिकित्सालय

कुलदीप गोयल, श्रीगंगानगर: श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में चिकित्सकों के अभाव में अनूपगढ़ का राजकीय चिकित्सालय दम तोड़ता हुआ नजर आ रहा है. अनूपगढ़ का राजकीय चिकित्सालय प्रतिनियुक्ति पर लगे दो चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है और अब स्थिति ऐसी है कि इन दो प्रतिनियुक्ति पर लगे चिकित्सकों में से एक चिकित्सक एम एल गुप्ता किसी कारणवश लंबी छुट्टी लेकर चले गए हैं. 

अब राजकीय चिकित्सालय प्रतिनियुक्ति पर लगे डॉक्टर अनोख विश्नोई के भरोसा ही चल रहा है. अनूपगढ़ के चिकित्सालय में प्रतिदिन 700 से अधिक की ओपीडी होती है जिससे चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

एक डॉक्टर 24 घंटे कर रहे हैं ड्यूटी
प्रतिनियुक्ति पर लगे डॉक्टर अनोख विश्नोई को 24 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही हैं. चिकित्सकों के अभाव में दर्जनों मरीजों को बिना इलाज के जाना पड़ा. कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की ओर से  बड़े स्तर पर चिकित्सकों के तबादले किए गए थे. उस दौरान अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय से डॉक्टर गुरप्रीत सिंह और डॉक्टर नरेंद्र का स्थानांतरण कर दिया गया था तथा डॉ सुरेंद्र कुमार और डॉ सुनील विद्यार्थी को अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में लगाया था मगर डॉ सुरेंद्र और डॉक्टर सुनील ने  अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में अभी तक ज्वाइन नहीं किया.

जानिए क्या कह रहे हैं डॉक्टर
श्रीगंगानगर के सीएमएचओ डॉक्टर गिरधारी मेहरड़ा का कहना है कि उन्हें अनूपगढ़ के हालात के बारे में पता है और वह यहां चिकित्सक लगाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं. वहीं, मरीजों का कहना है कि वे सुबह जल्दी आकर लाइन में खड़े होते हैं मगर चिकित्सकों की कमी के चलते उनका नंबर नहीं आ पाता जिससे उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है. 

मरीजों को हो रही ये परेशानियां
कई मरीजों का कहना है कि राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सा की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें निजी चिकित्सालय में जाकर इलाज करवाना पड़ता है जहां उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.

गौरतलब है कि पूर्व में भी अनूपगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए कई बार आंदोलन हो चुके हैं मगर किसी भी सरकार का इस ओर ध्यान नहीं गया. आमजन ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग बार-बार अनूपगढ़ की अनदेखी कर रहा है. जहां एक और सरकार स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को देना चाहती है वहीं दूसरी ओर सरकार चिकित्सा सुविधा के नाम पर अनूपगढ़ वासियों के साथ मजाक कर रही है.