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पहलू खान मामला: HC का फैसला लोगों के लिए बनेगा मिसाल- अशोक गहलोत

गहलोत ने बताया कि जब भी मॉब लिंचिंग होगी सभी को पहलू खान की याद जरूर आएगी. हमने मॉब लिंचिंग पर कानून बनाया लेकिन उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रोक कर रखा है.

पहलू खान मामला: HC का फैसला लोगों के लिए बनेगा मिसाल- अशोक गहलोत
फाइल फोटो

मनोहर विश्नोई, नई दिल्ली: पहलू खान मामले में हाईकोर्ट के फैसले का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वागत करते हुए कहा कि पहलू खान वाले मामले में यह ऐतिहासिक फैसला है और नजीर बनेगा. पिछली सरकार और पुलिस प्रशासन ने पीड़ित को न्याय दिलाने की बजाय उल्टा उन पर ही केस कर दिया था. सीएम गहलोत ने कहा कि अपनी खाल बचाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने हमारी सरकार आने के बाद गुपचुप तरीके से चालान पेश कर दिया. 

हमने पूरा मामला एसआईटी को सौंपा है. एसआईटी की जांच के आधार पर इस मामले में सभी दोषियों को सरकार सजा दिलाने की कोशिश करेगी. पहलू खान मामले के बाद राजस्थान में मॉब लिंचिंग कानून प्रतीक बन गया है. मॉब लिंचिंग मामले में प्रधानमंत्री मोदी को बैड एलिमेंट तक कहना पड़ा था लेकिन मेरी उनसे अपील है कि केवल एक बार बयान देने से काम नहीं चलेगा. जो कानून हमने बनाकर केंद्र को भेजा उसको पास करवाना होगा. 

गहलोत ने बताया कि जब भी मॉब लिंचिंग होगी सभी को पहलू खान की याद जरूर आएगी. हमने मॉब लिंचिंग पर कानून बनाया लेकिन उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रोक कर रखा है. इस बात का जवाब गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार को देना पड़ेगा. ऑनर किलिंग पर राज्य सरकार के बनाए कानून को भी गृह मंत्रालय ने रोक दिया है. हम लगातार इस बात पर सवाल उठाते रहेंगे. टॉल टैक्स के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के बयान पर सीएम ने कहा कि सतीश पूनिया अभी नए हैं. पूनिया नए मुल्ले की तरह हैं जो जोर से बांग देता हैं. वही हाल सतीश पूनिया का है. पनिया जी नए हैं, अभी बातें उनके समझने में बहुत वक्त लगेगा. 

टोल माफी वाले मामले में वह चीजों को समझ नहीं रहे हैं. उन्हें मोदी जी और अमित शाह ने टारगेट देकर भेजा है इसलिए अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं क्योंकि उनको पता है मुख्यमंत्री लगातार पीएम और केंद्र सरकार पर हमलावर हो रहे हैं. सतीश पूनिया जी नए मुल्ले की तरह जोर से बांग दे रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि टोल पर छूट वापस लेने का फैसला चुनावी था. पिछली सरकार ने इस फैसले को मेरिट के आधार पर नहीं लिया था. टोल माफी के कारण सरकार पर बहुत बड़ा वित्तीय भार आ रहा था. पिछली सरकार ने टोल कंपनी की शर्तों को बिना चर्चा के बदल दिया था. साथ ही गहलोत ने जनता से अपील की कि प्राइवेट कार चलाने वाले सभी लोग सक्षम हैं इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि प्राइवेट कार चलाने वाले लोग इस फैसले का स्वागत करेंगे.