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प्रतापगढ़: गांवों में गवरी देखने के लिए लोगों में उत्साह, सवा महीने तक नृत्य दिखाती है ये टीम

गांव-गांव जाकर गवरी खेलते हैं और लोगों का मनोरंजन करते हैं. रक्षा बंधन से उनका गवरी नृत्य का सिलसिला शुरू हो जाता है.

प्रतापगढ़: गांवों में गवरी देखने के लिए लोगों में उत्साह, सवा महीने तक नृत्य दिखाती है ये टीम
गवरी कलाकार माना भील ने बताया कि वो सभी गवरी कलाकार सवा माह तक घर पर नहीं जाते हैं.

प्रवेश परदेशी, प्रतापगढ़: जिले के धरियावद के कल्याणपुरा रोड पर लोक नृत्य गवरी देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है. यहां गवरी के रमेश भील, नारायण भील, कन्हैया भील, माना भील, उदा भील सहित 25 कलाकारों की गवरी टीम विभिन्न वेशभूषा में आकर गवरी नृत्य से दर्शकों का मनोरंजन कर रही है. छोटी-छोटी नृत्य नाटिका से लोगों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर रही है. मान्यता है कि भगवान शंकर ने भीलों को गवरी का यह नाटक सौंपा था.

गवरी कलाकार माना भील ने बताया कि वो सभी गवरी कलाकार सवा माह तक घर पर नहीं जाते हैं. इन दिनों वो हरी सब्जी का सेवन नहीं करते हैं. गांव-गांव जाकर गवरी खेलते हैं और लोगों का मनोरंजन करते हैं. रक्षा बंधन से उनका गवरी नृत्य का सिलसिला शुरू हो जाता है.

माना भील ने जी मीडिया से बात करते हुए बताया कि सभी गवरी कलाकार सवा माह तक घर पर नहीं जाते हैं. इन दिनों वो हरी सब्जी का सेवन नहीं करते हैं. गांव-गांव जाकर गवरी खेलते हैं और लोगों का मनोरंजन करते हैं. रक्षा बंधन से उनका गवरी नृत्य का सिलसिला शुरू हो जाता है.