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जयपुर: VAT विसंगतियों से परेशान कारोबारियों को मिल रहा नोटिस, नहीं हो रही सुनवाई

राजस्थान(Rajasthan) के हजारों कारोबारी(Businessman) वैट (VAT)विसंगतियों को लेकर परेशान हैं. वर्षों से उनके मामले वाणिज्य कर विभाग(Sale Tax Department)की फाइलों में दफन है.

जयपुर: VAT विसंगतियों से परेशान कारोबारियों को मिल रहा नोटिस, नहीं हो रही सुनवाई
कारोबारी एमनेस्टी स्कीम के इंतजार में हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान(Rajasthan) के हजारों कारोबारी(Businessman) वैट (VAT)विसंगतियों को लेकर परेशान हैं. वर्षों से उनके मामले वाणिज्य कर विभाग(Sale Tax Department)की फाइलों में दफन है.

विभाग अब ऐसे कारोबारियों को नोटिस भेजकर राजस्व(Revenue)वसूली की कवायद कर रहा है. लेकिन प्रदेश के कारोबारियों को उम्मीद है कि गहलोत सरकार(Gehlot Government)अपनी घोषणा के मुताबिक एमनेस्टी स्कीम लाएगी जिससे वैट के विवादित मामले सुलझाए. आपको बता दें कि देश में जीएसटी(GST)लागू है लेकिन जीएसटी से पहले राजस्थान में वैट की विसंगतियां अभी तक कारोबारियों को परेशान कर रही है. 

गहलोत सरकार ने की थी एमनेस्टी स्कीम की घोषणा 
गहलोत सरकार ने बजट में एमनेस्टी स्कीम लाने की घोषणा की थी जिनमें बकाया मामलों में एकमुश्त राहत का प्रावधान था. लेकिन वाणिज्य कर विभाग अभी तक इस स्कीम को नहीं ला पाया जिससे कारोबारियों में आक्रोश बढ़ गया है. देश के हजारों कारोबारियों की वैट से जुडी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया हैं. 

कारोबारियों को अब तक नहीं मिली राहत
वाणिज्यिक कर विभाग को इसके लिए एमनेस्टी स्कीम जारी करनी थी, लेकिन चालु वित्त वर्षके 6 माह बीत जाने के बावजूद कारोबारियों को राहत मिलती नहीं दिख रही हैं. बजट घोषणा को भी 2 माह बीत चुके हैं. अगर यह स्कीम आती हैँ तो कारोबारी ब्याज सहित अन्य रियायतो के आधार पर बकाया टैक्स जमा करवा सकते हैँ. इससे आर्थिक तंगी का सामना कर रही राजस्थान सरकार को भी राहत मिलने की संभावना हैं.

जानिए प्रदेश के कारोबारियों की राय
प्रदेश के कारोबारियों का कहना है की वर्तमान में जीएसटी के जाल में उलझे हुए हैं, पुराने बहीखातों के आधार पर वैट की विसंगतियों को दूर करना हैं. वाणिज्यिक कर विभाग के पास भी करीब चालीस हजार ऐसे मामले में हैं, जो पहले चरण में ही एमनेस्टी के दायरे में आएंगे. लेकिन विभाग राजस्व बढ़ाने के लिए बकाया कर वसूली पर फोकस कर रहा है. इस दौरान सैंकड़ों कारोबारियों को नोटिस भी जारी हुए हैँ. 

कारोबारियों का यह भी कहना हैँ कि बाजार की स्थिति वर्तमान में अधिक बेहतर नहीं हैं, ऐसे में सरकार कारोबारी हित में एमनेस्टी स्कीम शीघ्र लाए. वाणिज्यिक कर विभाग कारोबारियों को नोटिस जारी कर बकाया वसूली के लिए चेता रहा हैं. वहीं कारोबारी एमनेस्टी स्कीम के इंतजार में हैं.