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डीडवाना: निकाय चुनाव के प्रत्याशी का चयन बीजेपी-कांग्रेस के लिए बनी अग्नि परीक्षा

दोनों ही मुख्य दल अब तक पार्षद प्रत्याशियों के चयन नहीं कर पाए हैं और दोनों ही दल इस मसले को गंभीरता से ले रहे हैं.

डीडवाना: निकाय चुनाव के प्रत्याशी का चयन बीजेपी-कांग्रेस के लिए बनी अग्नि परीक्षा
फाइल फोटो.

हनुमान तंवर, डीडवाना: प्रदेश के 49 स्थानीय निकायों में 16 नवंबर को चुनाव(Rajasthan Urban Body Elections 2019) होने जा रहे हैं. जिसके लिए शुक्रवार से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 

हालांकि प्रदेश के दोनों ही मुख्य दल अब तक पार्षद प्रत्याशियों के चयन नहीं कर पाए हैं और दोनों ही दल इस मसले को गंभीरता से ले रहे हैं. टिकट वितरण में सावधानी इसलिए भी बरती जा रही है कि इस बार के निकाय चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है. 

डीडवाना में चुनावी सरगर्मियां तेज
ऐसे में अभी तक दोनों ही दल अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करने से पहले पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते हैं. डीडवाना की अगर बात की जाए तो यहां चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई है लेकिन दूसरी तरफ वोटर लिस्ट में फर्जी मतदाताओं के नामों को लेकर राजनीति गर्मा रही है.

मतदाता सूची पर बीजेपी ने उठाए सवाल
स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर एक तरफ जहां प्रशासन अपनी तैयारियों में जुटा है वहीं मतदाता सुचियों में गड़बड़ी को लेकर बीजेपी ने सवाल खड़े किए थे. इस संबंध में बीजेपी ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन भी दिया था. बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि मतदाता सुचियों में भारी गड़बड़ी है. मतदाता सुचियों में गड़बड़ी को लेकर वार्ड नंबर 16 सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है. बीजेपी का आरोप है कि यहां 150 के करीब ऐसे लोगों के नाम जिनका इस वार्ड से कोई वास्ता ही नहीं. इस मामले में प्रशासन ने जांच टीम बिठाने की बात कही है.

फर्जी मतदाता पहचान पत्र का हुआ है उपयोग
जानकारी में यब भी आया है कि इस वार्ड में नाम लिखवाने के लिए फर्जी मतदाता पहचान पत्रों का भी उपयोग हुआ है. वहीं फिजिकल वेरिफिकेशन में भी ऐसे कई नाम सामने आए हैं जो इस वार्ड ही नही बल्कि ग्रामीण क्षेत्रो के रहने वाले हैं. यही नहीं एक ही व्यक्ति के दो अलग अलग नाम से ग्रामीण और नगरपालिका क्षेत्र में वोटर होने की जानकारी मिल रही है. जिसको लेकर भाजपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग को शिकायत की है.

निर्वाचन विभाग ने जांच की कही बात
निर्वाचन विभाग का कहना है कि ऐसे सभी मामलों की अभी जांच जारी है और अगर ऐसा पाया जाता है तो ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई भी होगी. विधानसभा उपचुनाव में नागौर जिले में हार का मुंह देखने के बाद स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस जहां फूंक फूंक कर कदम रख रही है. वहीं, बीजेपी इसे प्रतिष्ठा बचाने के तौर पर देख रही है. ऐसे में निर्वाचन विभाग भी सतर्कता बरत रहा है ताकि विभाग पर किसी प्रकार का कोई आक्षेप नहीं लगे.