पुणे के कोथरूड पुलिस थाने में 17 साल पुराना मानव कंकाल मिला, ये कहानी आई सामने

जिस युवक का कंकाल है, उसका कत्‍ल 2002 में किया गया था. 2002 में पुणे की एमआइटी कॉलेज के पीछे की पहाड़ी पर सड़ी अवस्था में एक शव मिला था.

पुणे के कोथरूड पुलिस थाने में 17 साल पुराना मानव कंकाल मिला, ये कहानी आई सामने

पुणे: महाराष्‍ट्र के पुणे में कोथरुड पुलिस थाने के एक कक्ष में मानव कंकाल मिला है. पिछले 17 साल से यह मानव कंकाल इस कक्ष में पड़ा था. कोथरुड पुलिस ने मंगलवार (4मार्च) को 17 साल बाद इस मानव कंकाल का अंतिम संस्कार किया. ये कंकाल निखिल रणपिसे नाम के युवक का है. 16 साल की उम्र में निखिल रणपिसे का 2002 में कत्ल किया गया था. 2002 में पुणे की एमआइटी कॉलेज के पीछे की पहाड़ी पर सड़ी अवस्था में एक शव मिला था. लेकिन यह मानव कंगाल किसका था इसकी जानकारी पुलिस को नही थी.

2004 में इस युवक के कत्ल की गुत्थी सुलझी. जब दूसरे कत्‍ल के मामले में गिरफ्तार आरोपी ने निखिल के कत्ल की बात कबूल कर ली. निखिल का कत्ल उसके दो दोस्तों ने ही मिलकर किया था. निखिल के रिश्तेदार के घर चोरी की गई गई थी. पैसे बांटने को लेकर हुए झगड़े में निखिल का कत्‍ल किया गया था. उसका कत्ल कर शव को एमआइटी कॉलेज के पीछे फेंका गया था. सबूतों के अभाव में आरोपी निर्दोष साबित हुए थे. लेकिन निखिल का यह शव पुलिस के पास ही रहा. उसके परिवार को यह शव ले जाने को कहा गया. लेकिन उसके अभिभावकों ने उस शव को तब नहीं लिया.

2006 में एक बार फिर इस केस पर कोर्ट का फैसला आया तो पुलिस ने इनके परिवार से संपर्क करने कि कोशिश की, लेकिन तब तक परिवार अपना घर बदल चुका था. पुलिस आयुक्त कें वेंकटेशम ने पुलिस थाने के नवीनीकरण का काम शुरू किया. पुलिस थाने के एक कक्ष की सफाई करते वक्त यह मानव कंकाल यहाँ मिला. निखिल के मानव कंकाल को एक बॉक्स में रखा गया था. पुलिस ने जब थाने के सारे रिकॉर्ड चेक किए तो इस कंकाल के निखिल के होने की बात सामने आयी.

पुलिस ने निखिल के अभिभावकों की तलाश की. इस बार उनसे संपर्क भी हुआ. लेकिन पिता ने बीमार और उम्र का कारण देते हुए बेटे के कंकाल पर अंतिम संस्कार करने से मना किया. लेकिन पिता ने कहा, पुलिस अंतिम संस्कार कराती है, तो वह उपस्थित रहेंगे. परिवार के अनुमति‍ के साथ 17 साल पुराने निखिल के कंकाल पर अंतिम संस्कार किया गया.