संगरूर: किसान ने अनोखे अंदाज में मनाया 550वां प्रकाश पर्व, वायरल हो रहा VIDEO

किसान ने अपने खेत में 2 एकड़ जमीन पर ट्रैक्टर से '550 साल गुरु दे नाल' लिख कर बाबा नानक का प्रकाश पूर्व की खुशी मनाई है. 

संगरूर: किसान ने अनोखे अंदाज में मनाया 550वां प्रकाश पर्व, वायरल हो रहा VIDEO
किसान ने 2 एकड़ जमीन पर लिखा '550 साल गुरु दे नाल'.

कीर्ति पाल, संगरूर: सिख धर्म के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 550वां प्रकाश पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. गुरु नानक देव जी के आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान को याद कर पूरा देश उन्हें नमम कर रहा है. देशभर के गुरुद्वारे दुल्हन की तरह सजा दिए गए हैं. आधी रात से गुरुद्वारों में मत्था टेकने वालों की भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है. वहीं, पंजाब के संगरूर जिले के मूलोवाल गांव के एक किसान ने अनोखे अंदाज में गुरु नानक देव जी को याद किया है. 

दरअसल, किसान ने अपने खेत में 2 एकड़ जमीन पर ट्रैक्टर से '550 साल गुरु दे नाल' लिख कर बाबा नानक का प्रकाश पूर्व की खुशी मनाई है. किसान ने ड्रोन से इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है. जो काफी वायरल हो रहा है. रणजीत सिंह नाम के इस किसान ने करतारपुर कॉरिडोर खुलने की भी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि खेत में काम करते वक्त मेरे दिमाग में ये खयाल आया कि कुछ अलग तरह से बाबा की 550वीं जयंती मनाई जाए. मैंनें महज 15 मिनट में ही अपने ट्रैक्टर से '550 साल गुरु दे नाल' लिख दिया. 

रणजीत सिंह ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है. जिसके बाद उन्हें देश-विदेश से फोन आने लगे. उन्होंने जी मीडिया से बातचीत में बताया कि ऐसा करने के लिए बाबा नानक के उन्हें हिम्मत दी. वो खेत में काम कर रहे थे तभी सोचा क्यों ना अपने गुरु का नाम खेत में लिख दिया जाए. उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर की मदद से खेत में एक अक्षर भी लिखना बेहद मुश्किल था. यह तो बाबा नानक की कृपा थी कि आपने साथियों की मदद से महज 15 से 20 मिनट में गुरु का संदेश लिखकर देश-विदेश में बस रही संगत के लिए वायरल कर दिया. 

इस काम में किसान की मदद करने वाले लखबीर सिंह ने बताया कि हमने पहले यह देखा कि अगर इतने बड़े अक्षर बनाने हैं तो उसके लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी. इसके बाद हमने 2 एकड़ से ज्यादा की जमीन को साफ किया. उसके बाद हमने वहां पर निशानियां लगानी शुरू कर दी और रणजीत सिंह ने ट्रैक्टर की मदद से बेहद सुंदर अक्षरों में '550 साल गुरु दे नाल' लिख दिया.