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राजस्थान: इस गांव में अंधेरे में जीने को मजबूर हैं 100 परिवार, प्रशासन नहीं ले रहा सुध

बिजली नहीं होने से कई सालो से इन परिवार को उजाला देने का काम चिमनी और दिया कर रहा है. शाम और रात को खाना बनाना भी चिमनी से होता है. वहीं इन परिवार के बच्चें भी चिमनी जलाकर पढ़ने को मजबुर हो गए हैं. 

राजस्थान: इस गांव में अंधेरे में जीने को मजबूर हैं 100 परिवार, प्रशासन नहीं ले रहा सुध

बांसवाड़ा: देश को आजाद हुए 70 साल से अधिक हो गया पर एक गांव के 100 से अधिक परिवार आज भी अंधेरे की कैद में आजादी से लेकर अबतक हैं. प्रदेश के जनजाति अंचल कहे जाने वाले बांसवाडा जिले के खेरडाबरा गांव में आज भी 100 से अधिक परिवार को आज भी बिजली का इंताजार है. 

गांव में इन परिवारों ने बिजली को लेकर कई बार विद्युत विभाग, विधायक, जिला प्रशासन सभी को अवगत करवाया पर अबतक किसी ने इनकी नहीं सुनी नाही यहां पर बिजली व्यवस्था पहुंची. पूरा देश इस दिपावली में अपने घर को रोशन करेगा पर यह परिवार आजादी के बाद से अबतक की सभी दिपावली में अपने घरो में उजाला नहीं कर पाए हैं. 

ग्रामीणों की माने तो उनका कहना है कि हम शहर से कुछ ही दूरी पर रहते हैं और हमारे गांव में आधे इलाके में बिजली पहुंच गई पर हमारी बस्सी में बिजली अबतक नहीं पहुंची जिस कारण से आज भी हम अंधेरे में रहने को मजबुर हैं. बिजली नहीं होने से कई सालो से इन परिवार को उजाला देने का काम चिमनी और दिया कर रहा है. शाम और रात को खाना बनाना भी चिमनी से होता है. वहीं इन परिवार के बच्चें भी चिमनी जलाकर पढ़ने को मजबुर हो गए हैं. 

पूरे गांव के लोगों ने तो अब उम्मीद भी छोड दी हे कि यहा पर बिजली आएगी, क्योंकि कई बार ज्ञापन देकर भी यह ग्रामिण थक गए हैं. अब सरकार इस दिपावली पर इन परिवारों के लिए उजाला करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए और जिला प्रशासन और विद्युत विभाग को यहां पर बिजली पहुचाने के निर्देश दे जिससे इन परिवार को भी उजाला रात को नसीब हो सके.