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राजस्थान: रवि सिंह के बाद अब अवधेश पांडे पर PCPNDT सेल की नजर, 1 और साथी गिरफ्तार

आरोपी इंद्राज सैनी ने अवधेश पांडे को लेकर कई खुलासे किए थे. उसने बताया था कि अवधेश पांडे सन 1999 से अवैध रूप से गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच कर अजन्मी बच्चियों का कोख में ही कत्ल करता आ रहा है.

राजस्थान: रवि सिंह के बाद अब अवधेश पांडे पर PCPNDT सेल की नजर, 1 और साथी गिरफ्तार
पांडे के विरुद्ध अब तक कुल छह मुकदमें दर्ज हो चुके हैं.

संदीप केडिया, झुंझुनूं: कोख के कातिलों के सरगनाओं में शुमार रवि सिंह के बाद अब अवधेश पांडे के गिरोह पर पीसीपीएनडीटी सेल ने टेढ़ी नजर कर ली है. लगातार एक के बाद एक गिरोह के सदस्य धरे जा रहे हैं. वहीं अवधेश पांडे भी छुपता फिर रहा है. आज पीसीपीएनडीटी सेल ने खेतड़ी के इंद्राज सैनी के बाद तातीजा के सुरेश मेघवाल को भी धर दबोचा है. इसी साल चार मार्च को एक मुखबिर की सूचना पर आरसीएचओ ने खेतड़ी के इंद्राज सैनी के घर पर दबिश दी थी. जहां से सभी आरोपी फरार हो गए थे. 

वहीं मौके से एक अवैध पोर्टेबल मशीन को जब्त किया था. इस मामले में पीसीपीएनडीटी सेल ने कुल 9 जनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जिसमें सरगना अवधेश पांडे भी शामिल है. सेल ने इस मामले में इसी माह की तीन तारीख को इंद्राज सैनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वहीं अब इस मामले में तातीजा के सुरेश मेघवाल को गिरफ्तार किया गया है. जिसे आज न्यायालय में पेश किया गया. न्यायालय ने सुरेश मेघवाल को 24 अक्टूबर तक जेल भेज दिया है. सेल के सीआई पूर्णमल यादव ने बताया कि इस मामले में शेष आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं. 

'कुरिअर' का काम करता था सुरेश मेघवाल
सेल द्वारा की गई पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सुरेश मेघवाल इस गिरोह में एक 'कुरिअर' वाले का काम कर रहा था. उसका काम गर्भवती महिला को एक स्थान से लेकर उस स्थान तक ले जाना होता था. जहां पर अवधेश पांडे और मशीन होती थी. इसी काम के बदले सुरेश मेघवाल को एक तय राशि दी जाती थी. 

20 साल से भ्रूण लिंग जांच के अवैध कारोबार से जुड़ा है पांडे
आपको बता दें कि गत दिनों गिरफ्तार किए गए आरोपी इंद्राज सैनी ने अवधेश पांडे को लेकर कई खुलासे किए थे. उसने बताया था कि अवधेश पांडे सन 1999 से अवैध रूप से गर्भवती महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच कर अजन्मी बच्चियों का कोख में ही कत्ल करता आ रहा है. पांडे के पास कोई चिकित्सकीय योग्यता नहीं है. पांडे के विरुद्ध अब तक कुल छह मुकदमें दर्ज हो चुके हैं. जिनमें हरियाणा में दर्ज मुकदमे में अवधेश पांडे को छह माह कारावास की सजा हो चुकी है. 

खेतड़ी मामले में इन्हें किया था नामजद
अवधेश पांडे के गिरोह में शामिल कई सदस्य खेतड़ी मामले में शामिल है. जिनके खिलाफ नामजद मामला भी दर्ज किया गया है. इनमें सत्येंद्रसिंह ढाणा पचेरी, महेंद्र चौधरी सिंघाना, संजीव उर्फ संजय जोगी, मदन पपुरना, मक्खनलाल सैनी मावंडा, गजानंद गुर्जर नीमकाथाना, सुनिल योगी खेतड़ी अभी भी फरार है. 

शेखावाटी और हरियाणा में है सक्रिय
सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि अवधेश पांडे का गिरोह विशेष रूप से झुंझुनूं, सीकर, चूरू और हरियाणा राज्य के निकटवर्ती जिलों में सक्रिय है. राज्य एवं जिला पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा पिछले करीब 50 दिनों से झुंझुनूं इलाके में रहकर गिरोह पर निगरानी रखते हुए ये आखिरकार गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. 

रवि सिंह घोषित हो चुका है हिस्ट्रीशीटर
कोख के कातिलों में सबसे बड़ा नाम रवि सिंह का है. जो भी झुंझुनूं के भैसावता का रहने वाला है. रवि सिंह को पिछले दिनों ही हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है. वहीं रवि सिंह फिलहाल बीकानेर में रहता है लेकिन अभी भी पीसीपीएनडीटी सेल रवि सिंह पर कड़ी निगरानी रखती है क्योंकि माना जाता है कि रविसिंह का नेटवर्क ना केवल शेखावाटी और हरियाणा, बल्कि चार-पांच राज्यों में हैं.