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राजस्थान: 18 नवंबर तक चलेगा मतदाना सत्यापन का कार्यक्रम, जनवरी में होगा अंतिम प्रकाशन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में मतदाता सत्यापन कार्यक्रम के दौरान धौलपुर जिले में 98.62, भीलवाड़ा में 95.99, टोंक में 90.34 और सवाईमाधोपुर में 89.03 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन किया गया है.

राजस्थान: 18 नवंबर तक चलेगा मतदाना सत्यापन का कार्यक्रम, जनवरी में होगा अंतिम प्रकाशन
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनन्द कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए चलाए जा रहे मतदाताओं के सत्यापन का कार्य 18 नवम्बर तक बढ़ा दिया गया है. 18 अक्टूबर तक राज्य में 72.04 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है. 

आनंद कुमार ने कहा कि राज्य के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सभी मतदान केन्द्रों में पंजीकृत मतदाता जिन्होंने अभी तक एनवीएसपी पोर्टल, कॉमन सर्विस सेन्टर, ईमित्र कियोस्क अथवा बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन नहीं करवाया गया है. वह अविलम्ब किसी भी माध्यम से अपनी प्रविष्टि का सत्यापन करवा सकते हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में मतदाता सत्यापन कार्यक्रम के दौरान धौलपुर जिले में 98.62, भीलवाड़ा में 95.99, टोंक में 90.34 और सवाईमाधोपुर में 89.03 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन किया गया है. शेष जिलो में भी निर्धारित तिथि से पूर्व पंजीकृत मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा. 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुसार मतदाता सत्यापन कार्यक्रम के दौरान बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता की प्रविष्टियों का सत्यापन करेंगे. सत्यापन की कार्यवाही के दौरान परिवार के मुखिया अथवा घर का कोई भी सदस्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत 10 दस्तावेज यथा ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी-अर्द्ध सरकारी प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र, पैनकार्ड, महानिदेशक पंजीयक भारत सरकार द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड एवं वर्तमान पानी, टेलीफोन, बिजली, गैस कनेक्शन का बिल जिस पर मतदाता का नाम एवं पता ज्ञात हो सके, में से किसी एक दस्तावेज को बीएलओ को दिखाकर अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन करवा करते हैं. उन्होंने बताया कि आयोग ने यह स्पष्ट निर्देश दिए है कि बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत 10 दस्जावेजों में किसी दस्तावेज विशेष की मांग नहीं करें.

उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं से आह्वान किया है कि बीएलओ के घर पर आने पर आवश्यक सहयोग प्रदान करें ताकि राज्य में शत-प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन कर मतदाता सूची की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके. उन्होंने बताया कि अर्हता दिनांक 1 जनवरी, 2020 के संदर्भ में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कायक्रम में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संशोधन किया गया है. आयोग द्वारा निर्धारित संशोधन कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन अब दिनांक 15 अक्टूबर, 2019 के स्थान पर दिनांक 25 नवम्बर, 2019 को किया जाएगा तथा मतदाता सूचियों का अन्तिम प्रकाशन दिनांक 20 जनवरी, 2020 को किया जाएगा.