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राजस्थान: शहर की सरकार के चुनाव में बीजेपी जारी करेगी 'निकाय स्तर पर घोषणा पत्र'

बीजेपी ने इस बार के निकाय चुनाव में विशेष रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. पार्टी ने प्रत्याशी तय करने के लिए थ्री टीयर कमेटी बनाई है.

राजस्थान: शहर की सरकार के चुनाव में बीजेपी जारी करेगी 'निकाय स्तर पर घोषणा पत्र'
फाइल फोटो

जयपुर: निकाय चुनाव की तैयारियों को रफ्तार देने वाली बीजेपी खास रणनीति के साथ चुनाव में जाएगी. पार्टी ने इस बार निकाय स्तर पर घोषणा पत्र की तैयारी की है. इसके साथ ही बीजेपी ने सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने के लिए टीम को ज़िम्मेदारी दी है. तो विजन डॉक्यूमेन्ट पर भी काम शुरू कर दिया है. पार्टी हर मोर्चे पर मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. 

बीजेपी ने इस बार के निकाय चुनाव में विशेष रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. पार्टी ने प्रत्याशी तय करने के लिए थ्री टीयर कमेटी बनाई है. तो संगठन की बात लोगों तक पहुंचाने के लिए तीन खास दस्तावेज भी तैयार करने पर काम हो रहा है. बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने बताया कि राज्य सरकार के पिछले दस महीने के कार्यकाल के दौरान कानून-व्यव्सथा की जो स्थिति रही और बीजेपी सरकार के समय शुरू किये गये विकास कार्यों को जिस तरह अटकाया गया. उसे लेकर पार्टी एक चार्ज शीट तैयार करेगी. पूनिया ने कहा कि शहरी विकास को जो धक्का मौजूदा समय में लगा है. उनका ज़िक्र इस चार्ज शीट में होगा.

इसके साथ ही पार्टी एक विज़न डॉक्यूमेन्ट भी जनता के सामने रखेगी. पूनिया ने बताया कि यह विज़न डॉक्यूमेन्ट बीजेपी का नज़रिया लोगों को बताएगा. बीजेपी ने सरकार में रहते हुए राज्य में क्या बड़े काम किए. केन्द्र में क्या काम हो रहे हैं और आगे पार्टी की क्या मंशा है. इन सारे मुद्दों को विजन डॉक्यूमेन्ट में शामिल किया जाएगा. विज़न डॉक्यूमेन्ट तैयार करने की ज़िम्मेदारी दो पूर्व प्रदेशाधयक्ष अशोक परनामी और अरुण चतुर्वेदी के साथ ही केन्द्रीय मन्त्री अर्जुनराम मेघवाल और गजेन्द्र सिंह शेखावत पर होगी.

इसके साथ ही बीजेपी इस बार स्थानीय स्तर पर निकायों का घोषणा पत्र भी जारी करेगी. पार्टी ने इसे तैयार करने की ज़िम्मेदारी स्थानीय इकाई को सौंपी है. पूनियां ने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकास की कई अलग प्राथमिकताएं होती हैं और निकाय स्तर के घोषणा पत्र में इन मुद्दों को शामिल किया जाएगा.

शहरी सरकार के चुनाव में स्थानीय विकास के लिए घोषणा पत्र लाकर पार्टी ने यह संकेत दे दिए हैं कि वह चुनाव में केवल राष्ट्रवाद और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों तक ही सीमित नहीं रहने वाली. बीजेपी के इस नजरिए के बाद अब कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर भी इसका असर दिख सकता है.