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राजस्थान: दुष्कर्म मामले में दोषी पाए गए निम्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन

डीसीपी नॉर्थ ने लूकआउट नोटिस जारी करवाने की प्रक्रिया शुरु की है. वहीं दूसरी ओर आरोपी बीएस तोमर ने राजस्थान हाईकोर्ट में कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए अग्रिम याचिका लगाई है.

राजस्थान: दुष्कर्म मामले में दोषी पाए गए निम्स विश्वविद्यालय के चेयरमैन
दिसंबर 2018 में आमेर थाने में एक 25 वर्षीय युवती ने एफआइआर दर्ज करवाई थी.

जयपुर: निम्स युनिवर्सिटी के चेयरमैन बीएस तोमर के खिलाफ आमेर थाने में दर्ज दुष्कर्म के मामले में क्राइम ब्रांच आमेर थाने को रिपोर्ट भेजी है. जांच में क्राइम ब्रांच की ओर से बीएस तोमर को दोषी माना गया है. पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच कर रही थी. 

क्राइम ब्रांच ने आमेर थाने को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमे चेयरमैन बीएस तोमर को दोषी मानते हुए उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. आमेर पुलिस को रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी के विदेश फरार होने की संभावना भी जताई जा रहा है. जिसके चलते डीसीपी नॉर्थ ने लूकआउट नोटिस जारी करवाने की प्रक्रिया शुरु की है. वहीं दूसरी ओर आरोपी बीएस तोमर ने राजस्थान हाईकोर्ट में कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए अग्रिम याचिका लगाई है. बीएस तोमर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि युवती उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी जिसके खिलाफ भी चंदवाजी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है. मामले में 23 अक्टूबर को सुनवाई होगी.  

ये मामला था बीएस तोमर के खिलाफ:
आपको बता दें कि दिसंबर 2018 में आमेर थाने में एक 25 वर्षीय युवती ने एफआइआर दर्ज करवाई थी. जिसमे उसने शिकायत दी थी कि वह कॉलेज में सहायक प्रबंधक के रुप में काम कर रही थी. इस दौरान विश्वविद्यालय के चेयरमैन बीएस तोमर ने आमेर के एक होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया. उसके बाद विश्वविद्यालय के काम से उसे दिल्ली ले गया जहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया. मामले में अब तक आमेर थाने के 2 सीआई और एसीपी जांच अधिकारी रह चूके है. लेकिन निष्पक्ष जांच नहीं होने के आरोप लगने के बाद पीएचक्यू की क्राइम ब्रांच की टीम को जांच सौंपी गई.