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राजस्थान: MLA फंड के बाद भी विकास कार्यों में पिछड़े कांग्रेस विधायक, जानें क्या है पूरा मामला

निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने जिले में सबसे ज्यादा 123 कार्यों की अनुशंसा जारी कर दी है लेकिन स्वीकृतियां धीमी गति से होने के कारण काम में तेजी नहीं आ पा रही है.

राजस्थान: MLA फंड के बाद भी विकास कार्यों में पिछड़े कांग्रेस विधायक, जानें क्या है पूरा मामला

जयपुर: जिले में विकास कार्यों की होड़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस के मंत्री-विधायक भाजपा विधायकों से पिछड़ गए. विधायक स्थानीय विकास योजना में विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए जिले के छह विधायकों ने तो अभी कलम तक नहीं चलाई है. सत्ता में होने के बावजूद जयपुर जिले के 7 कांग्रेसी विधायकों ने एमएलए फंड के तहत अभी तक सिर्फ 59 विकास कार्यों की ही अनुशंसा की है जबकि भाजपा के 5 विधायकों ने चारगुना से अधिक 211 कार्यों के लिए जिला परिषद को अनुशंसा भेज दी है. 

निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने जिले में सबसे ज्यादा 123 कार्यों की अनुशंसा जारी कर दी है लेकिन स्वीकृतियां धीमी गति से होने के कारण काम में तेजी नहीं आ पा रही है. जयपुर जिले के 19 में से 6 विधायक तो ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक खाता तक नहीं खोला है. इनमें कांग्रेस के आर्दश नगर से रफीक खान, विराटनगर से इंद्राज गुर्जर, जमवारामगढ़ से गोपाल मीणा, बस्सी से लक्ष्मण मीणा, चाकसू से वेद प्रकाश सोलंकी और सांगानेर से भाजपा विधायक अशोक लाहोटी है.

इस मामले में विधानसभा क्षेत्र फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत का कहना है कि चुनाव के बाद जनता अपेक्षा करती है कि छोटे-छोटे कार्य होंगे. वो विधायकों से विकास की मांग कर रही है, लेकिन सरकार की नियति ठीक नहीं है. अब पंचायतों और नगर निगमों के चुनाव आने से आचार संहिता लग जाएगी. ऐसे में पहला साल खाली चला जाएगा. सरकार की लापरवाही से जनता का नुकसान हुआ है. सरकार सत्ता के मद में मदमस्त है. 

विधायक स्थानीय विकास योजना के तहत दिया जाता है फंड
विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए अनुशंसा तो जारी करते हैं लेकिन नौकरशाहों की स्वीकृतियां देने में कंजूसी के कारण विकास कार्यों पर ब्रेक लग रहा है. गौरतलब है कि हर विधायक को विधायक स्थानीय विकास योजना के तहत एक वर्ष में 2.25 करोड़ रुपए का फंड मिलता है. यह राशि अगले वर्ष भी इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन जनता की वर्तमान आवश्यकताएं तो अगले साल तक नहीं टाली जा सकती हैं. जिला परिषद के अधिकारियों की माने तो कुछ विधायकों ने एक साल में मिलने वाले फंड से भी ज्यादा कामों की अनुशंसा की है. जिनकी आगामी वित्तीय वर्ष में स्वीकृतियां जारी की जाएंगी. विधायक रामलाल शर्मा, बाबूलाल नागर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में 3 करोड़ से ज्यादा के कामों की अनुशंसा की है.

50 पार सिर्फ तीन विधायक, कांग्रेसी एक भी नहीं
राजस्थान के दूदू में निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर द्वारा अब तक सबसे अधिक 123 कामों की अनुशंसा की गई है. वहीं बीजेपी के चौमूं से विधायक रामलाल शर्मा द्वारा 68 कामों की अनुशंसा की गई है. आमेर से भी बीजेपी विधायक सतीश पूनिया द्वारा 51 कामों की अनुशंसा की गई है. हालांकि, इसमें एक भी कांग्रेसी विधायक का नाम शामिल नहीं है.