close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: पार्षदों और सभापति के बीच चल रहा विवाद, लोगों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोविंद व्यास बरसों से चल रही रामलीला को लेकर परिषद और जिला प्रशासन का रवैया परेशान करने वाला है. पहले ही देश में अधिकांश स्थानों पर रामलीला का मंचन लुप्त हो चुका है

राजस्थान: पार्षदों और सभापति के बीच चल रहा विवाद, लोगों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना

दिलशाद खान, भीलवाड़ा: जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत मिशन चला रहे है. वहीं नगर परिषद प्रशासन उनके अरमानों पर पानी फेर रहा है. परिषद में पार्षदों और सभापति के बीच चल रहे विवाद का दंश इस बार आजाद चैक में होने वाली रामलीला झेल रही है. बरसों से आजाद चैक में होने वाली रामलीला इस बार बाधित हो रही है क्योंकि आजाद चैक में जहां एक तरफ पानी भरा है तो वहीं दूसरी तरफ इस क्षेत्र के दुकानदारों ने आजाद चैक के अन्दर अपनी दुकानों का कचरा डालकर इसे कचरा डिपो में तब्दील कर दिया है. 

मैदान में भरे पानी के कारण तीन दिन से रामलीला का मंचन व्यवस्थित तरीके से नहीं हो पा रहा है. आयोजकों ने इसके संबंध में नगर परिषद प्रशासन को अवगत कराया कि मैदान में पानी भरा होने के कारण रामलीला देखने के लिए श्रद्धालु नहीं आ पा रहे हैं क्योंकि मैदान में बैठने के स्थान पर पानी भरा हुआ है. आयोजकों ने इस मुद्दे को उठाया तो परिषद प्रशासन ने एक छोटा मिनी टेम्पो में मलबा भरकर मैदान के कुछ हिस्से में डलवाकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली. 

जो भराव डाला गया है उससे आयोजक नाखुश है क्योंकि परिषद प्रशासन की ओर से डाला गया भराव ऊंट के मुंह में जीरे के समान है. पूरा मैदान पानी से भरा है तथा समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए रास्ता ही नहीं है. इन सभी कारणों की वजह से रामलीला के आयोजक और कलाकार परेशान हैं. उधर दूसरी ओर आजाद चैक एक तरह से आवारा पशुओं के लिए नया ठिकाना सा बन गया है. दिन हो या रात आवारा पशु यहां विचरण करते हुए दिखाई दे जाते है. गन्दगी के ढेर लगने के कारण यहां लोगों का बैठना दुर्भर सा हो गया है. साथ ही वाहन चालक भी अपने वाहन मंच के आसपास खड़े कर जाते है.

रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोविंद व्यास बरसों से चल रही रामलीला को लेकर परिषद और जिला प्रशासन का रवैया परेशान करने वाला है. पहले ही देश में अधिकांश स्थानों पर रामलीला का मंचन लुप्त हो चुका है लेकिन भीलवाड़ा शहर में आयोजक इसे फिर भी जिन्दा रखे हुए हैं लेकिन इस बार आजाद चैक में चारों ओर पानी भरे होने से इसका मंचन नहीं हो पा रहा है. जिससे शहरवासी खासे आक्रोशित है. परिषद और जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए. 

रामलीला कमेटी के पुर्वसचिव लादूलाल भांड ने बताया कि मंचन स्थल के आसपास समेत पूरे आजाद चैक में गन्दगी के ढेर लगे हुए हैं. गेट टूटे हुए हैं. दिन भर यहां वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है जिससे रामलीला का मंचन नहीं हो पा रहा है. प्रशासन को कई बार इस बारे में अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई है.