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जेल जाने से बचने के लिए अमित बना हामिद, फिर भी नहीं दे पाया पुलिस को चकमा

इंसान अपने अपराधों की सजा से बचने के लिए क्या नहीं कर सकता. यहां तक की जेल से बचने के लिए भी सब कुछ कर लेता है जिससे वो जेल जाने से बच सके. ऐसा ही मामला पाली में देखने को मिला है. 

जेल जाने से बचने के लिए अमित बना हामिद, फिर भी नहीं दे पाया पुलिस को चकमा
आरोपी पंचर निकालने की दूकान पर काम कर रहा था. (प्रतीकात्मक फोटो)

सुभाष रोहिसवाल, पाली: इंसान अपने अपराधों की सजा से बचने के लिए क्या नहीं कर सकता. यहां तक की जेल से बचने के लिए भी सब कुछ कर लेता है जिससे वो जेल जाने से बच सके. ऐसा ही मामला पाली(Pali) में देखने को मिला है. जब कोतवाली पुलिस ने एक पंचर बनाने वाले की दूकान पर काम कर रहे व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने लाई और जब उसने जो खुलासा किया हर कोई दंग था.

बताया जा रहा है कि गिरफ्तार युवक ने बचने के लिए अपना धर्म तक बदल लिया और मुस्लिम धर्म अपना लिया और अपनी बीबी बच्चों को छोड़कर मुस्लिम युवती से निकाह तक किया. पिछले 15 साल से युवक धर्म बदलकर कानून से बच रहा था. युवक ने अपने मुस्लिम नाम से न केवल आधार कार्ड बनाया. बल्कि पेन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस(Driving License) तक बनवा दिया. युवक पिछले 10 साल से फरार था और स्थायी वारंटी था.

अजमेर जिले के ब्यावर का रहने वाला अमित जैन के खिलाफ कई मामले कोर्ट में विचाराधीन है. मारपीट, धोखाधड़ी और  चेक अनादरण के मामले में 10 साल की आरोपी को सजा हुयी थी. 

कुछ दिन जेल में रहने के बाद वो जमानत पर बाहर आया. बाहर आने के बाद अपने शातिर दिमाग से वापस जेल नहीं जाना पड़े इसके लिए उसने धर्म बदलकर मुस्लिम धर्म अपनाया और अमित जैन से मोहम्मद हामिद बन गया. पहले से शादीशुदा अमित ने बीबी बच्चों को भी छोड़ दिया और मुस्लिम युवती से कुछ साल पहले निकाह कर लिया. जिससे उसकी एक संतान भी है. पिछले 15 साल से नाम बदलकर अमित उर्फ हामिद कभी जोधपुर तो कभी पाली में रहता था. पाली में पनिहारी चौराहे पर पंचर निकालने की दूकान पर काम कर रहा था. स्थाई वारंटियों की धरपकड़ अभियान के दौरान पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी.

Sanjay Yadav, News Desk