राजस्थान : साइबर क्राइम और साइबर फ्रॉड पर लगेगी लगाम, सरकार ने उठाए कदम

एसओजी के अधीन सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन यूनिट(Serious Fraud Investigation Unit) और साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट(Cybercrime Investigation Unit) काम करेगी. 

राजस्थान : साइबर क्राइम और साइबर फ्रॉड पर लगेगी लगाम, सरकार ने उठाए कदम
राजस्थान में हर साल आर्थिक अपराध के 20 हजार से ज्यादा मामले दर्ज होते हैं

जयपुर: प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम(cyber crime)और गंभीर किस्म की धोखाधड़ी के मामलों से अब लोगों को राहत मिलेगी. सरकार ने इस तरह के मामलों की रोकथाम और केसों की जांच के लिए अलग से दो नई यूनिटों का गठन किया है. एसओजी(SOG)के अधीन सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन यूनिट (Serious Fraud Investigation Unit)और साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट(Cybercrime Investigation Unit)काम करेगी. गृह विभाग से दोनों यूनिटों के गठन के प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए गए हैं.दरअसल राजस्थान में लगातार बढ़ते साइबर क्राइम और फ्रॉड के मामले एक बड़ी समस्या बने हुए हैं. अपराधी आधुनिक तकनीकी और सोची-समझी चाल के तहत अपराधों को अंजाम देकर पुलिस के सामने भी चुनौती खड़ी कर रहे हैं.बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने एसओजी में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन यूनिट तथा साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट के गठन की आवश्यकता बताई थी.इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बजट में इनकी घोषणा की थी.
जानकारी के अनुसार प्रदेश में साइबर और आर्थिक अपराधों के हालात खराब है.एनसीआरबी (NCRB)की वर्ष 2016 के अनुसार राजस्थान आर्थिक अपराधों के मामले में 16.4 प्रतिशत के साथ देश में पहले स्थान था.अब भी उसकी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है. हर साल आर्थिक अपराध के 20 हजार से ज्यादा मामले दर्ज होते हैं.जानकारी के मुताबिक इन दोनों यूनिट में आर्थिक अपराध(Economic crime) की समझ और विशेषज्ञता रखने वाले अधिकारी और विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे.जो प्रोफेशनल तरीके से आधुनिक तकनीकी के साधनों के सहयोग से शातिर अपराधियों से एक कदम आगे चलते हुए अपराधी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे.