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राजस्थान: खनन और परिवहन विभाग को डीएम ने मीटिंग में लताड़ा, जानें पूरा मामला

जयपुर ग्रामीण एसपी शंकरदत्त ने कहा कि "बजरी का अवैध खनन कहां से होता हैं और कहां परिवहन होता हैं. यहां अज्ञानी बनने की जरूरत नहीं हैं. 

राजस्थान: खनन और परिवहन विभाग को डीएम ने मीटिंग में लताड़ा, जानें पूरा मामला
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: जिले के लिए नासूर बन चुके अवैध बजरी खनन को लेकर परिवहन और खनन विभाग एक बार फिर कटघरे में है. इस बार खुद जिला कलेक्टर ने दोनों विभागों की भूमिका और कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. इतना ही नहीं जयपुर ग्रामीण एसपी ने भी इन विभागों पर सवाल उठाते हुए खरी-खोटी सुनाई. अफसरों ने कहा कार्रवाई से पहले सूचना लीक हो जाती तो कैसे करें कार्रवाई?

जयपुर जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन को लेकर कलेक्टर ने परिवहन और खनन विभाग के अफसरों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने कहा कि "जब रोज़ 250 से 300 ट्रक अवैध बजरी के निकल रहे हैं. तो फिर तीन महीने में केवल 135 ट्रकों को जब्त करना, दाल में कुछ काला है. या तो बजरी माफियाओं के साथ मिलीभगत चल रही है या ट्रक हवा में उड़कर जा रहे हैं". 

इस पर परिवहन विभाग के अधिकारी कोई जवाब नहीं दे पाए. "जब 24 घंटे परिवहन विभाग की टीम गश्त करती है तो फिर ट्रक कैसे निकलते हैं? कागजों में दिखनने के लिए एक ट्रक रोकते हो और दस ट्रकों को छोड़ दिया जाता है, तो कैसे रूकेगा अवैध खनन? जहां से बजरी निकलती हैं वहीं दबिश दी जाए". 

कलेक्टर ने जब माइंस एमई से पूछा की जब्त बजरी का डिस्पोजल कैसे करते हो? तो चौंकाने वाला जवाब मिला. एमई ने कहा की 500 रूपए प्रतिटन के हिसाब से कोई लेने नहीं आता तो 1 हजार रूपए टन में उसी को नीलाम कर देते हैं. इस पर कलेक्टर ने कहा की 500 रूपए में कोई लेने नहीं आ रहा और 1 हजार रूपए में बेचना? ये तो गंभीर विषय हैं.

जयपुर ग्रामीण एसपी शंकरदत्त ने कहा कि "बजरी का अवैध खनन कहां से होता हैं और कहां परिवहन होता हैं. यहां अज्ञानी बनने की जरूरत नहीं हैं. सभी अधिकारियों अच्छी तरह जानकारी हैं. लेकिन सब एक दूसरे पर डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं. यदि कार्रवाई करनी हैं तो पुख्ता करो जिससे कि आगे इस तरह के गलत काम करने में उसे डर लगे. उनके हौंसले बुलंद इसलिए हैं क्योंकि हम उन पर सख्त एक्शन नहीं लेते हैं. पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई करें जिससे की उसको इतना नुकसान हो कि आगे अवैध बजरी खनन काम करने में उसे भय बना रहे". बैठक में खनन विभाग के अधिकारियों ने फोर्स नहीं होने से कार्रवाई धीमी होने की बात कही गई.

बहरहाल, बजरी माफियाओं के आगे प्रशासन नतमस्तक है. अफसरों ने कहा की बजरी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वो कार्रवाई करने के दौरान कुछ भी कर सकते हैं. साथ ही कार्रवाई से पहले ही माफिया तक ख़बर लीक करने वाले विभाग के विभीषण भी परेशानी का सबब बने हुए हैं.