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राजस्थान: कांग्रेस शासन में DOP ने सुराज संकल्प की घोषणाएं पूरी करने के लिए जारी किया सर्कुलर

जन घोषणा पत्र और बजट घोषणाओं के साथ ही इस सर्कुलर में लोगों को सबसे ज्यादा चौंकाने वाला बिन्दु 'सुराज संकल्प' में शामिल घोषणाओं का है. 

राजस्थान: कांग्रेस शासन में DOP ने सुराज संकल्प की घोषणाएं पूरी करने के लिए जारी किया सर्कुलर
सरकार एक बार फिर कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंम्भीरता दिखा रही है.

जयपुर: प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रदेश के कई हिस्सों से कर्मचारियों की मांगे सामने आ रही है. इन मांगों पर सरकार ने भी गंभीरता दिखाई है. इसी कड़ी में कर्मचारियों से जुड़े मामले देखने वाले कार्मिक विभाग यानि डीओपी ने सभी मंत्रियों और विभागाध्यक्षों को सर्कुलर जारी किया है. इस सर्कुलर में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का ज़िक्र किया गया है तो साथ ही इसमें सुराज संकल्प की घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने के साथ ही इसे लागू करने का ज़िक्र भी किया गया है. 

कर्मचारियों की समस्या के समाधान से किसी को कोई ऐतराज नहीं है लेकिन कई लोगों को इसमें सुराज संकल्प की घोषणाओं का ज़िक्र देखकर हैरानी हो रही है क्योंकि सुराज संकल्प घोषणा पत्र बीजेपी ने वसुंधरा राजे की अगुवाई में विधानसभा चुनाव से पहले किया था. 

सरकार एक बार फिर कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंम्भीरता दिखा रही है. इसके लिए सरकार में कर्मचारियों से जुड़े मामले देखने वाले कार्मिक विभाग में सक्रियता दिखी है. डीओपी ने सभी विभागों को सर्कुलर जारी करके कर्मचारियों से जुड़े मामले निपटाने के लिए कहा है. 

डीओपी की प्रमुख शासन सचिव रोली सिंह के दस्तखत से जारी सर्कुलर में चुनाव से पहले कांग्रेस की तरफ से जारी किए गए जन घोषणा पत्र और बजट घोषणाओं का ज़िक्र है. दरअसल, वैसे तो चुनाव घोषणा पत्र कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं होता लेकिन इस बार पहली बैठक में ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जन घोषणा पत्र पर कैबिनेट की मुहर लगवाकर इसे आधिकारिक दस्तावेज का रूप दे दिया था. लिहाजा डीओपी ने इसमें कर्मचारियों से जुड़ी घोषणाओं को शामिल करने के लिए कहा है. 

इसके साथ ही सर्कुलर में बजट घोषणाओं का भी हवाला दिया गया है. बजट में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से जुड़ी जो घोषणाएं की थीं और अगर उनमें कोई वित्तीय भार सरकार पर नहीं आ रहा है तो ऐसी घोषणाओं को जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश में अब विभाग दिख रहा है. इस सर्कुलर में डीओपी ने यह भी कहा है कि इन घोषमाओं का ब्यौरा देते समय वित्त विभाग को भी सन्दर्भित किया जाए. 

जन घोषणा पत्र और बजट घोषणाओं के साथ ही इस सर्कुलर में लोगों को सबसे ज्यादा चौंकाने वाला बिन्दु 'सुराज संकल्प' में शामिल घोषणाओं का है. वैसे तो सुराज संकल्प की घोषणाएं पूरी करने को लेकर किसी को कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन कर्मचारियों के बीच भी चर्चा इसी बात की है कि क्या सरकार आदर्श परिस्थितियां स्थापित करना चाहती है या फिर यह गलती से लिखा गया है. एक चर्चा इस बात को लेकर भी है कि कहीं यह सर्कुलर गलती से पुराने कन्टेन्ट के साथ ही कॉपी-पेस्ट का मामला तो नहीं है?

बहरहाल, डीओपी का यह सर्कुलर कर्मचारियों के बीच सरकार के प्रति पॉज़िटिव माहौल ज़रूर बना रहा है. इस सर्कुलर में समय-समय पर कोर्ट द्वारा कर्मचारी हित में दिए फ़ैसलों को जल्द लागू करने के निर्देशों से कई चेहरों पर मुस्कान दिख रही है. हालांकि, इस मुस्कान के बीच भी चटखारे लेते हुए कर्मचारी सुराज संकल्प की घोषणाओं की चर्चा करना नहीं भूलते.