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राजस्थान:हर गांव में बनेंगे शिक्षा-चिकित्सा-खेल के मैदान, सरकार बना रही मास्टर प्लान

जिला परिषद सीईओ जमीन के चिन्हिकरण का काम पटवारियों से सहयोग से पूरा करेगी. अगले तीस साल में संभावित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार मास्टर प्लान तैयार कर रही है.

राजस्थान:हर गांव में बनेंगे शिक्षा-चिकित्सा-खेल के मैदान, सरकार बना रही मास्टर प्लान
अशोक गहलोत ने इस साल के बजट घोषणा में मास्टर प्लान तैयार करने की घोषणा की थी.

जयपुर: आबादी के विस्तार के बाद शहरों के बाद गांवों में भी सुनियोजित विकास की जरूरत पड़ने लगी है. इसी अहमियत को समझते हुए प्रदेश के गांवों के लिए गहलोत सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है. इस मास्टर प्लान के अंतगर्त गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल के मैदान, सरकारी भवन समेत अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. इस योजना के तहत 5 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों का विलेज मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस साल के बजट घोषणा में मास्टर प्लान तैयार करने की घोषणा की थी. जिसके बाद अब पंचायतीराज विभाग ने गांवों के विकास के लिए प्लानिंग शुरू कर दी है. ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर्स, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पत्र लिखकर प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं. गांवों में सुनियोजित विकास के लिए आवश्यक जमीन का आकंलन कर चिन्हिकरण किया जाएगा.

जिला परिषद सीईओ जमीन के चिन्हिकरण का काम पटवारियों से सहयोग से पूरा करेगी. अगले तीस साल में संभावित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार मास्टर प्लान तैयार कर रही है. इसके अंतगर्त अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश्वर सिंह ने निर्देश दिए है कि आबादी भूमि के विस्तार के लिए प्रस्तावित भूमि का चिन्हिकरण, पशुपालन और राजस्व विभाग द्धारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार गांव में पशुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं, कृषि, खनिज, वन संसाधनों और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पार्क और खुली जगह, चारागाह भूमि तराशने के निर्देश दिए गए है.

इसके साथ साथ गांवों में तालाब, बावड़ी और पुरानी जल स्त्रौतों संरक्षित रखने और विकसित किया जाएगा. मास्टर प्लान तैयार करने के लिए सभी ग्राम विकास अधिकारियों, कनिष्ठ सहायक, सरपंच, पंचायत समिति सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. यानि हर गांव का अलग अलग मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. वहां की भोगौलिक स्थिति और देखते हुए गांवों का विकास होगा.

पटवारियों द्धारा जमीन तलाशने के बाद पंचायतीराज विभाग फील्ड वर्क शुरू करेगा. इस काम में विभाग को वक्त को अधिक लगेगा, लेकिन आने वाले दिनों में राजस्थान के शहरों की तरह गांव का विकास भी हो सकेगा.