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राजस्थान: बिजली न मिलने से किसान परेशान, आए दिन दफ्तरों के चक्कर लगाने को हैं मजबूर

वह भी बार-बार काट दी जाती है जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं. आज हम लोग चंदा इकट्ठा कर पूरे गांव के लोग नए कलेक्टर जो कि अभी पदभार ग्रहण करेंगे.

राजस्थान: बिजली न मिलने से किसान परेशान, आए दिन दफ्तरों के चक्कर लगाने को हैं मजबूर
प्रतीकात्मक तस्वीर

भूपेश आचार्य, बाड़मेर: राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार यह दावा कर रही है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली की सप्लाई पूरी हो रही है लेकिन हकीकत इससे कहीं दूर है. बिजली को लेकर किसान आए दिन सरकारी दफ्तरों के चक्कर निकाल रहे हैं. आज तो हद ही हो गई. जब बॉर्डर के इलाके में रहने वाले गिराब हरसाणी गांव के पूरे लोग बिजली आपूर्ति को लेकर नई जिला कलेक्टर से मिलने के लिए पूरे गांव में पहुंच गए. 

किसानों का कहना है कि सरकार यह दावा करती है कि गांव में घरेलू हेतु 18 से 24 घंटे बिजली की सप्लाई हो रही है. वहीं कृषि कनेक्शनों के लिए 8 घंटे की सप्लाई हो रही है जबकि किसानों का साफ तौर पर कहना है कि हकीकत कुछ और है. हालत यह है कि अब रबी की फसल की तैयारी चल रही है लेकिन किसानों के लिए खेती के लिए बिजली महज 2 से 3 घंटे दी जा रही है.

वह भी बार-बार काट दी जाती है जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं. आज हम लोग चंदा इकट्ठा कर पूरे गांव के लोग नए कलेक्टर जो कि अभी पदभार ग्रहण करेंगे. उनसे मुलाकात कर अपनी दास्तान बताने वाले हैं. इससे पहले भी हमने बिजली को लेकर कई बार कलेक्टर से लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों से लेकर सरकार के नेताओं को बताया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है. यही हालत रही तो हमारी रबी की फसल पूरी की पूरी खराब हो जाएगी.

वहीं इस पूरे मामले में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश शर्मा का कहना है कि गांव के लोग बिजली की समस्या को लेकर मेरे पास आए थे. मैंने विद्युत विभाग को तुरंत दिशा निर्देश दे दिए हैं. सबसे बड़ी समस्या है कि इस वक्त किसानों की फसल रबी की तैयारी चल रही है लेकिन बिना बिजली के यह फसल लहरा नहीं सकती है. ऐसे में सरकार को अब इन किसानों के बारे में सोचने की जरूरत है.