राजस्थान: दिव्यांगों को 6 प्रतिशत आरक्षण पर विचार कर सकती है गहलोत सरकार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि विकसित राष्ट्र में दिव्यांगजनों, बेरोजगारों को सोशल सिक्योरिटी मिलती है. देश में भी सोशल सिक्योरिटी के कांसेप्ट को मजबूत किया जाना चाहिए.

राजस्थान: दिव्यांगों को 6 प्रतिशत आरक्षण पर विचार कर सकती है गहलोत सरकार
सीएम गहलोत ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दी.

जयपुर: राजस्थान में केंद्र और राज्य सरकार ने एक साथ मिलकर दिव्यागों और बुजुर्गों को संबंल प्रदान किया. एक मंच पर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियो और नेताओं ने एक दूसरे के कामों की तारीफ की. इसके साथ साथ राज्य के मंत्री ने केंद्र सरकार से बजट बढाने की मांग कि तो केंद्र के मंत्री थावरचंद गहलोत ने भी आरक्षण बढ़ाने का आग्रह किया. वहीं, सौर्हाद्धपूर्ण माहौल के बीच दिव्यांगजनों और बुर्जुगों को संबल प्रदान करने के लिए उपकरण बांटे गए. जिमसें राज्यपाल कलराज मिश्र मुख्य अतिथि,मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत,मंत्री भवरलाल मेघवाल,जयपुर सांसद रामचरण बोहरा,जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन राठौड़ मौजूद रहे.

हालांकि, राजस्थान के हर जिले में छोटी बडी संस्थाएं जरूरतमंदों की सेवा करती है. वहीं, इसी सेवा भाव के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जयपुर में 6 हजार दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को जरूरी उपकरण बांटे गए. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि विकसित राष्ट्र में दिव्यांगजनों, बेरोजगारों को सोशल सिक्योरिटी मिलती है. सोशल सिक्योरिटी के कांसेप्ट को मजबूत किया जाना चाहिए. पिछले कार्यकाल में साठ लाख परिवारों को वृद्धजन पेंशन दी गई थी. इस बार वृद्धजन पेंशन को बढ़ाया गया है. 

साथ ही गहलोत ने कहा कि मास्टर भंवरलाल मेघवाल की इन कामों में रुचि है और रुचि देखकर ही पोर्टफोलियो दिए जाते हैं. राज्य सरकार का प्रयास होगा कि दिव्यांग जनों के लिए प्राइटी मिले. दिव्यांग जनों को सर्टिफिकेट मिले सुनिश्चित किया जाएगा. प्रदेश सरकार सोश्यल सिक्योरिटी में सीमित संसाधनों में अग्रणीय राज्य बनने में काम करेगा. इस दौरान सीएम गहलोत ने मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दी.

 

वहीं, कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल कलराज मिश्र ने गहलोत सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि अशोक गहलोत दिव्यांग जनों के प्रति हमेशा ही समर्पित होकर काम करते है. उनका ये भी कहना था कि दिव्यांग जनों में हीन भाव को खत्म करना है. 2011 की जनगणना के मुताबिक 10.38 करोड वरिष्ठ नागरिक है. 80 साल से ज्यादा उम्र वालों को घर बैठे उपकरण दे रहे हैं.दिव्यांग जनों के आरक्षण को 4 से 6 फीसदी बढ़ाकर करने के लिए मैं समझता हूं राज्य सरकार इस पर विचार करेगी.

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने राजस्थान सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार 4 फीसदी आरक्षण दे रही है, इस आरक्षक को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश की तर्ज पर बढाया भी जा सकता है. फिलहाल, छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश में 6 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है. इसके अलावा Udid कार्ड बनाने में राजस्थान नंबर 1 है.

इस योजना में अब तक 1 लाख बुजुर्गों को लाभ मिला है. जिसमें 13.93 लाख दिव्यांगों को निशुल्क सहायक यंत्र वितरित हो चुके हैं. 2066 कॉक्लियर इप्लांट सर्जरी की जा चुकी है. 11205 से अधिक मोटरीकृत तिपहिया साइकिल वितरित हो चुकी. जाहिर है केंद्र और राज्य सरकार की पहल से दिव्यांगों को जरूर राहत मिलेगी.