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राजस्थान: एकल गड्ढा शौचालयों में बदलाव का कार्य होगा शुरू, खर्च होगी इतनी धनराशि

प्रदेश में 50 लाख परिवार एकलगड्ढा शौचालयों से जुड़े हैं. स्वच्छ भारत मिशन विभाग इस बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है.

राजस्थान: एकल गड्ढा शौचालयों में बदलाव का कार्य होगा शुरू, खर्च होगी इतनी धनराशि
इस योजना पर 22 हजार करोड़ से अधिक की राशि व्यय होगी. (फाइल फोटो)

जयपुर: प्रदेश में 50 लाख परिवार एकलगड्ढा शौचालयों से जुड़े हैं. इनको कुछ माह में दोहरे गड्ढों से जोड़ा जाएगा. स्वच्छ भारत मिशन(Clean India Mission) विभाग इसमें बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है. इस योजना पर 22 हजार करोड़ से अधिक की राशि व्यय होगी.

प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के तहत एकल गड्ढा शौचालयों को दोहरे गड्ढों से जोडने का काम शुरू हो चुका है. ऐसे शौचालयों (Toilets) की सही तकनीक के साथ रेट्रोफिटिंग करने के लिए प्रति शौचालय 4 हजार 500 रुपए के हिसाब से प्रदेश के 50 लाख शौचालयों पर 22 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च होंगे. पहले चरण में यह राशि ग्राम पंचायत स्तर पर एसटी, एससी और बीपीएल परिवार को मिलेगी. उसके बाद अन्य परिवारों के यहां सेफ्टी टैंक से निकलने वाले दूषित पानी को रोकने के लिए टैंक के पास गड्ढा बनाया जाएगा. जो गंदे पानी को सोखेगा.

आपको बता दें कि प्रदेश में बनवाए गए एक करोड़ से अधिक शौचालयों में से 50 लाख एकल गड्ढे वाले हैं. पहले बने शौचालयों में एक गड्ढा होने से गंदगी और पानी का रिसाव हो रहा है. इस गंदगी से पर्यावरण दूषित होने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. इसलिए स्वच्छ भारत मिशन विभाग ने ये फैसला लिया है.

दरअसल खुले में शौचमुक्त गांवों के मुकाबले गैर ओडीएफ गांवों में भूजल गंदगी 12.7 गुना अधिक है. इसे खत्म करने के लिए रेट्रोफिटिंग योजना के तहत पांच बड़े कार्य खुले में शौचमुक्त, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जैविक अपशिष्ट प्रबंधन, इस्तेमाल हो चुके पानी का प्रबंधन एवं मल कीचड़ प्रबंधन होंगे. इस तकनीक के माध्यम से पानी जमीन में उतारा जाएगा.

इस दो गड्ढ़े वाले शौचालय से पांच साल बाद व्यक्ति कमाई भी कर सकेगा. इसके लिए जिला परिषद और पंचायत समिति की तरफ से प्रयास चल रहे हैं. जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय हो ये सरकार की प्राथमिकता है. वहीं, अब समय के साथ शौचालय के निर्माण में तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है.