राजस्थान: किसानों के हितों के लिए सरकार का बड़ा फैसला, पंजीयन की सीमा को 10% बढ़ाया

दो दिनों में 70 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली के लिए ऑनलाइन पंजीयन करवा चुके है. सरकार ने पूरे राजस्थान में 323 खरीद केन्द्र स्थापित किए हैं. 

राजस्थान: किसानों के हितों के लिए सरकार का बड़ा फैसला, पंजीयन की सीमा को 10% बढ़ाया
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: गहलोत सरकार ने किसानों से खरीद के लिए कई जिलों में पंजीयन की सीमा को बढाया है. किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने ये फैसला लिया है. अजमेर, नागौर, टोंक, सीकर और जैसलमेर जिलों में क्रय केन्द्र की क्षमता के अनुसार कुछ केन्द्रों पर पंजीयन पूरा हो चुका है लेकिन इन जिलो में अधिक मूंग उत्पादन की स्थिति में 20 केन्द्रों पर पंजीयन की सीमा को 10 प्रतिशत और बढ़ाया गया है. 

दो दिनों में 70 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली के लिए ऑनलाइन पंजीयन करवा चुके है. सरकार ने पूरे राजस्थान में 323 खरीद केन्द्र स्थापित किए हैं. यानि पिछली बार की अपेक्षा 23 केंद्र ज्यादा बनाए गए हैं, ताकि किसानों को केंद्रों पर किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो.

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का कहना है कि किसानों का जिले में स्थित तहसीलवार उत्पादन और क्रय केन्द्र की क्षमता के अनुपात में अधिकतम 120 प्रतिशत पंजीयन किए जा रहे हैं. मूंग के पंजीयन में किसानों का अधिक रूझान है. अजमेर जिले के अराई, चूरू के तारानगर और सादुलपुर, जयपुर के दूदू, फागी और मोजमाबाद, जैसलमेर के चांधन, पोकरण राजमथाई, नागौर जिले के कुचामन, गच्छीपुरा, जायल, डेगाना, डीडवाना, नागौर, परबतसर, मेडता और लाडनू, सीकर जिले में सीकर और टोंक जिले के मालपुरा केन्द्र की पंजीयन सीमा पूर्ण हो गई है.

किसानों द्वारा पंजीयन सीमा बढ़ाई जाने की मांग और कृषकों को समर्थन मूल्य योजना का अधिकाधिक लाभ प्रदान करने के लिए केन्द्रों पर 10 प्रतिशत और पंजीयन करने की स्वीकृति प्रदान की गई है. किसानों की समस्या के समाधान के लिए राजफैड स्तर पर टोल फ्री हेल्पलाईन नम्बर 1800-180-6001 सुबह 9 से शाम 7 बजे तक चालू कर दिया गया है. जिस पर किसान अपनी समस्याओं को हेल्पलाईन नम्बर पर दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा किसान राजफैड मुख्यालय में स्थापित कॉल सेन्टर पर rajfed. kisansamadhan@gmail.com पर मेल भेज सकते है.

राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि सही समय पर किसानों को फसलों के सही दाम मिल सके. प्रदेश में रहने वाले किसानों खुशहाली बरकरार रहे.