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राजस्थान IAS एसोसिएशन ने साझा किए कैलाश मानसरोवर यात्रा के रोमांचक अनुभव

आईएएस एसोसिएशन के 5वें साहित्यिक कार्यक्रम में वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स ने अपने कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए.

राजस्थान IAS एसोसिएशन ने साझा किए कैलाश मानसरोवर यात्रा के रोमांचक अनुभव
आईएएस ओटाराम चौधरी ने यह भी कहा की दिव्य दर्शन शिव के इच्छा पर निर्भर है.

जयपुर: आईएएस एसोसिएशन राजस्थान की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर विशेष सत्र का आयोजन हुआ. झालाना टैक्नो हब में आयोजित सत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वरिष्ठ अधिकारी मुग्धा सिन्हा, भास्कर सावंत, आरएएस गौरव बजाड़ और जनसंपर्क विभाग में सहायक निदेशक ओटाराम चौधरी ने अपने अनुभव साझा किए. कैलाश मानसरोवर यात्रा के विभिन्न पड़ाव, दिव्य अनुभवों, कैलाश पर्वत के दर्शन, बर्फ, बादल और मौसम की विपरीत परिस्थितियों, श्रृद्वालुओं की भक्ति और श्रद्वा के भावों के साथ शिव से मिलन के वाकये श्रौताओं से साझा किए.

शिव अहसास से मिलन
आईएएस एसोसिएशन के 5 वें साहित्यिक कार्यक्रम में वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स ने अपने कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए. कैलाशी होने के दौरान सभी अद्‍भुत, अलौकिक और दिव्य रोमांच से रूबरू हुए. वरिष्ठ आईएएस मुग्धा सिन्हा ने कहा कि वहां जाने से पहले कई सवाल थे, यात्रा की कठिनाईयों को लेकर अनजाना भय भी था. लेकिन उस धरा पर सब दिव्य होने की अनुभूति है. प्रत्येक पल शिव के अहसास से रोमांचित रहा. 

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मुग्धा सिन्हा ने कहा कि कैलाश मानरोवर यात्रा हमारे शरीर से नकारात्मकता को पूरी तरह दूर कर देती है. हम विचार, व्यवहार और कर्म की शुद्वि की ओर बढ़ते चले जाते हैं.  आईएएस अधिकारी भास्कर सावंत ने बताया कि यात्रा का हर पल ऊर्जा, उत्साह और नए अनुभवों से भरा हुआ था. यात्रा के एक पड़ाव में लैंड स्लाइडिंग के समय आंशिक बाधा हुई. जत्थे में जितने भी लोग शामिल थे, सब भूस्खलन को देखकर थोड़े भयभीत हुए. लेकिन शिव के नारों ने सफर को फिर गतिमान कर दिया.

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खतरों पर याद आए शिव
कैलाश मानसरोवर यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए आरएएस अधिकारी गौरव बजाड़ ने बताया कि वो जिस बैच में यात्रा कर रहे थे तो इस दौरान पेड़ की बड़ी डाल रास्ते पर गिरी.इस दौरान बस में बैठे सभी यात्रियों ने भजन गाने शुरू कर दिए. जनसंपर्क विभाग में सहायक निदेशक ओटाराम चौधरी ने राक्षस ताल, मानसरोवर झील, कैलाश पर्वत, ओम पर्वत के दर्शन के अपने यात्रा वृतांत सुनाए. साथ ही नर्मदा यात्रा का अवसर देने के लिए कैलाश मानसरोवर का हालिया यात्रा में हुए अनुभवों को भी दर्शको से साझा किया. ओटाराम चौधरी ने यह भी कहा की दिव्य दर्शन शिव के इच्छा पर निर्भर है.

पांचवा विशेष सत्र
आईएएस एसोसिएशन के कैलाश मानरोवर यात्रा के वृतांत को सुनने आईएएस, आईपीएस, आरएसएस और आरपीएस अधिकारी परिवार सहित पहुंचे. साथ ही, बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भी संवाद सेतृ के जरिए खुद के कैलाशी होने के का अहसास किया. आईएएस एसोसिएशन का यह पांचवा संवाद रहा. कर्म के साथ साहित्य के क्षेत्र में रूचि रखने वाले अधिकारियों में यह कार्यक्रम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. पांचवे सत्र के अंत में मौजूद श्रौताओं को प्रसादी, पुस्तक और पवित्र जल वितरित किया गया.