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राजस्थान IT यूनियन ने निकाल विरोध का नया तरीका, ट्विटर पर कर रहे प्रदर्शन

राजस्थान में आईटी के सूचना सहायक, सरकार तक ग्रेड-पे 3600 करने की मांग को लेकर सड़कों को छोड़ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी बात पहुंचा रहे हैं. 

राजस्थान IT यूनियन ने निकाल विरोध का नया तरीका, ट्विटर पर कर रहे प्रदर्शन
सूचना सहायकों ने अपनी मांगों को ट्विटर पर अभियान छेड़ दिया है.

जयपुर: समय के साथ सरकारी कार्मिकों का अपनी मांगों को लेकर विरोध का तरीका भी बदल गया है. राज्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सरकारी कर्मचारी सड़कों पर होने वाले हडताल, धरने-प्रदर्शन छोडकर डिजिटल प्लेटफॉर्म यानि की सोशल मीडिया को सहारा ले रहे हैं. राजस्थान आईटी के योद्धा कहे जाने वाले सूचना सहायकों ने ग्रेड पे 3600 करने की मांग को लेकर टिविटर पर #IAग्रेड-पे3600, #IAकाहक नामक हैश टैग अभियाल चला रखा है.

राजस्थान सरकार में आईटी के योद्धा कहे जाने वाले सूचना सहायक, राज्य सरकार से ग्रेड-पे 3600 करने की मांग को लेकर सड़कों को छोड़ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी बात पहुंचा रहे हैं. प्रदेशभर में करीब 6 हजार से ज्यादा सूचना सहायक और सहायक प्रोगामरों ने ट्विटर पर जंग छेड रखी हैं. टिविटर पर #IAग्रेड-पे3600, #IAकाहक नामक हैश टैग के जरिए प्रतिदिन शाम को एक साथ टिविटर हैशटेग प्रोगाम चलाकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाते हैं. 

वहीं, सूचना सहायकों का कहना है की पिछली भाजपा सरकार में 4 हजार रुपए प्रतिदिन किराए की जगह लेकर सांगानेर पुलिया के पास मानसरोवर रोड़ पर महापड़ाव डाला था, लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण उन्हे अपना आंदोलन स्थगित करना पडा. दरअसल, धरने-प्रदर्शन या रैली के लिए पहले पुलिस-प्रशासन से अनुमति लेनी पडती है. कई बार सरकारी कार्मिकों पर केस भी दर्ज हो जाता है, जिससे उनकी नौकरी पर भी संकट के बादल मंडराने लगते थे.

सूचना सहायकों का कहना है की राजस्थान पहले केवल रेगिस्तान के नाम से जाना जाता था लेकिन सूचना सहायक भर्ती के बाद डिजिटल प्रदेश के नाम भी जाने जाना लगा है. आईटी के युग में चक्काजाम, रास्ते अवरूद्ध करना नहीं आता. तकनीक है तभी तो तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि कोई परेशान भी न हो. हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी सिर्फ जायज मांगों को पूरा करवाने के लिए टि्विटर पर अभियान चलाया जा रहा है. 

वहीं, इन सूचना सहायकों की बात करें तो राजस्थान सरकार से इनकी सबसे प्रमुख मांग ग्रेड-पे 3600 रुपए करने की है. इसलिए सभी सूचना सहायकों ने ट्विवटर पर 3600 अंकों के नाम से अभियान चला रखा है. सूचना सहायकों का कहना है की राजस्थान को आईटी के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई अवार्ड मिले हैं परंतु सरकार की हठधर्मिता के कारण समस्त आईटी कर्मचारियों की सुनवाई नहीं कर रही है. 

बहरहाल, आईटी के योद्धाओं ने अपनी मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाने के लिए ट्विवटर पर अभियान छेड दिया है. तीन दिन से लगातार सूचना सहायकों का #IAग्रेड-पे3600, #IAकाहक नामक हैश टैग के इंडिया में ट्विवटर पर ट्रेंड कर रहा है. सूचना सहायक और सहायक प्रोगामर अपने काम के साथ अपने हक की लड़ाई भी लड़ रहे हैं. अब देखना ये है कि सरकार इनकी मागं को लेकर कब फैसला करती है.