राजस्थान: ओजोन थैरेपी कैंप में पहुंचे कई डॉक्टर, कहा- हड्डियों को कमजोर कर रहा फ्लोराइड

तीन दिन तक चले इस कैंप में ना केवल झुंझुनूं जिले, बल्कि आस पड़ौस के जिलों के अलावा जयपुर से भी मरीज पहुंचे और कुल 1775 मरीजों ने इसमें लाभ लिया. 

राजस्थान: ओजोन थैरेपी कैंप में पहुंचे कई डॉक्टर, कहा- हड्डियों को कमजोर कर रहा फ्लोराइड

संदीप केडिया, झुंझुनूं: मोदी रोड पर स्थित गंगाराम अतिथि भवन में नर सेवा नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान और सुनिल इंडस्ट्रीज मुंबई के आर्थिक सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय ओजोन थैरेपी कैंप का बीती रात को समापन हुआ. तीन दिन तक चले इस कैंप में ना केवल झुंझुनूं जिले, बल्कि आस पड़ौस के जिलों के अलावा जयपुर से भी मरीज पहुंचे और कुल 1775 मरीजों ने इसमें लाभ लिया. केवल एक इंजेक्शन से दर्द को दूर करने वाली इस थैरेपी का फायदा लोगों ने महसूस भी किया. जिसके कारण कई बार ऐसे दृश्य भी सामने आए. जब मरीज और उसके परिजन चिकित्सकों को भगवान मानते हुए उनके पैर तक छूने लगे. 

शिविर में चिकित्सकों की टीम का नेतृत्व कर रहे मुंबई के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. केआर करनम ने बताया कि इस कैंप में 75 फीसदी मरीज कमर और घुटने के रोगी आए. कंधे और गर्दन दर्द से पीडि़त भी रोगी आए लेकिन इनकी संख्या काफी कम थी. उन्होंने बताया कि ना केवल उन्होंने बल्कि उनके साथ मलेशिया से आई चिकित्सकों की टीम ने महसूस किया कि झुंझुनूं के पानी में फ्लोराइड होने के कारण यहां के लोगों की हड्डियों समय से पहले ही कमजोर हो रही है. यही नहीं युवाओं के घुटनों में भी दर्द, एक गंभीर चिंता का विषय है. इसके लिए उन्होंने आरओ पानी के इस्तेमाल की सलाह दी है. साथ ही कहा है कि केवल आरओ का पानी भी बीमारी पैदा करता है इसलिए इसे बिना मिनरल्स एड किए इस्तेमाल ना किया जाए. 

15 साल के दर्द से पीड़ित भी पहुंचे
इस शिविर में 10 से 15 साल से विभिन्न प्रकार के दर्द से पीडि़त मरीज भी पहुंचे. जिन्हें काफी लाभ हुआ. यही नहीं करीब 50 से अधिक मरीजों को ओजोन थैरेपी की सबसे बेहतरीन पद्धति पीआरपी के तहत इलाज दिया गया. यह पद्धति उन लोगों के लिए काम ली गई. जिन्हें आम जौर पर चिकित्सक घुटना बदलने की सलाह देते हैं. डॉ. केआर करनम ने बताया कि शुरूआत के दो दिन तो पीआरपी की मशीन उपलब्ध नहीं हुई थी. जिसके कारण इसका फायदा नहीं मिल पाया. अंतिम दिन ऐसे मरीजों को बुलाया गया और उनका डॉ. कृष्णा करनम की अगुवाई वाली टीम ने इलाज किया.

75 का इलाज एक इंजेक्शन से, शेष का होगा फॉलोअप
डॉ. केआर करनम ने बताया कि शिविर में आए 75 फीसदी रोगियों का दर्द एक इंजेक्शन ही काफी है. इसके अलावा 25 प्रतिशत तक के मरीजों को दो-तीन महीने के लिए फॉलोअप करना पड़ेगा. जिसके लिए भी नर सेवा नारायण सेवा संस्थान के साथ बातचीत की जा रही है. इसे कैसे मेंटेन किया जा सके.

बढ़ता ही गया रोगियों का आना
नर सेवा नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष ओमप्रकाश मोदी तथा प्रवासी उद्योगपति और शिविर के आर्थिक संयोजक विनोद लाठ ने बताया कि शिविर में पहले दिन 575, दूसरे दिन 590 तथा तीसरे दिन 610 रोगियों का इलाज दिया गया. हालांकि रजिस्ट्रेशन करीब 1200 मरीजों का किया गया था लेकिन करीब तीन सौ रोगियों को वेटिंग में रखा गया था परंतु लगातार संख्या बढऩे के कारण यह संख्या 1775 तक जा पहुंची. लेकिन शिविर में आए सभी रोगियों का इलाज किया गया.

चिकित्सकों और सेवा सहयोगियों का किया सम्मान
तीन दिवसीय कैंप के समापन पर सभी चिकित्सकों की टीम के अलावा सक्रिय सेवा सहयोगियों का सम्मान भी किया गया. संस्थान के अध्यक्ष ओमप्रकाश मोदी, दानदाता परिवार के विनोद लाठ, संरक्षक रामचंद्र मोदी, संजीव मोदी एवं टीम का नेतृत्व कर रहे मुंबई के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. केआर करनम का साफा एवं दुपट्आ ओढाकर माल्यार्पण के साथ अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया. कार्यक्रम का कुशल संचालन परमेश्वर हलवाई एवं हरिश तुलस्यान द्वारा किया गया.

कैंप के बतौर सहयोगी रहे मौजूद
इस अवसर पर सुभाष पंसारी, शिवचरण हलवाई, रामचंद्र मोदी, गीलूराम मोदी, पवन गाडिया, आत्माराम टीबड़ा, रामावतार हलवाई चिड़ावावाला, ताराचंद गुप्ता भोड़कीवाला, परमेश्वर हलवाई, सन्नी मोदी, सुशील तुलस्यान, मुकेश गुप्ता, श्रीकांत पंसारी, रुपेश तुलस्यान, अनूप गाडिया, संजीव मोदी, अमित जगनानी, सुनील गुप्ता, श्रीगोपाल हलवाई, हरिश जगनानी, दिनेश जालान, अमित गाडिया, अरुणसिंह, प्रमोद मोदी, प्रमोद बिसाऊवाला, उत्तम तुलस्यान, राधाकिशन माथुर, विकास तुलस्यान, जितेंद्र लोहिया, अमन अग्रवाल, डॉ. डीएन तुलस्यान, आनंद अग्रवाल, नरेश गाडिया, रवि टेकड़ीवाल, सीताराम केडिया, केशव शर्मा, सीमा अग्रवाल, पंकज गोयनका, उमेश पांडे, रवि शुक्ला, चंद्रकांत बंका, नवीन स्वामी, व्यवस्थापक महेश शर्मा, महिपाल, ओमप्रकाश खैरवा, आशीष शर्मा, हिमांशु शर्मा एवं संदीप कटारुका सहित अन्यजन उपस्थित थे.