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जयपुर: गोद ली गई बेटी अमिता टांक से मिले 'कलक्टर पापा', दिया गिफ्ट्स

गोद लेकर अपनी बेटी को भूले कलक्टर पापा(Collector Papa) को उनकी बिटिया से मिलवाकर जी मीडिया ने खूब लाड-प्यार दिलवाया.

जयपुर: गोद ली गई बेटी अमिता टांक से मिले 'कलक्टर पापा', दिया गिफ्ट्स
गोद ली गई बेटी को मिठाई खिलाते जयपुर कलक्टर.

जयपुर: जी मीडिया ने आज सामाजिक सरोकार के प्रति अपना दायित्व निभाया. उदास बेटियों को उनके पापा से मिलाने की मुहीम का असर दिख रहा है. गोद लेकर अपनी बेटी को भूले कलक्टर पापा(Collector Papa) को उनकी बिटिया से मिलवाकर जी मीडिया ने खूब लाड-प्यार दिलवाया.

जयपुर कलक्टर(Jaipur Collector) की ओर से गोद ली गई अमिता जब दस माह बाद अपने कलक्टर पिता से मिली तो उसकी खूशी का ठिकाना नहीं रहा. दीपावली से पहले कलक्टर पिता का प्यार मिलने के साथ ही अमिता में आत्मविश्वास भी जगा तो इरादा भी बदल गया. अब अमिता टांक डॉक्टर नहीं एसडीएम बनकर जनता की सेवा करना चाहती है.

लड़की के लिए पिता होता है पहला हीरो
किसी भी लड़की के लिए उसका पिता ही पहला हीरो होता है. न जाने उसे ये भरोसा कब और कैसे हो जाता है कि उसके पिता जितना ताकतवर इस पूरी दुनिया में कोई नहीं. ये सोच कब आ जाती है कि जब तक पापा हैं. तब तक कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता. 

तस्वीरें देख कर चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान
अगर आप भी अपने पापा की राजकुमारी हैं तो यकीनन इन तस्वीरों को देखकर आपके चेहरे पर भी मुस्कान तैर जाएगी और अगर आप एक बेटी के पिता हैं तो आपको अपनी बेटी का बचपन याद आ जाएगा. कुछ इसी तरह की कहानी है अमिता टांक की. मैं कलेक्टर की बेटी हूं और पढ़ाई में कलेक्टर का नाम रोशन करना चाहती हूं.

जी मीडिया ने प्रसारित की थी खबर
यह कहना है जयपुर कलक्टर द्वारा गोद ली बालिका अमिता टांक का. जी मीडिया पर 'कलक्टर भूले बेटियां' प्रसारित होने के बाद कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने पहले तो बेटी की बुआ के घर जाने का मन बनाया. लेकिन बाद में खुद का दफ्तर दिखाने और उससे मिलने के लिए एसडीएम ओम प्रभा को अमिता टांक को लेने उसकी बुआ के घर भेजा. बेटी अमिता टांक दीपावली की छुट्रटियों में अपनी बुआ के घर चौडा रास्ता में रहने गई हुई है. 

कलक्टर पापा को देख...
जब अमिता टांक कलक्टर पापा के पास पहुंची तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अमिता अपने कलक्टर पापा से लिपट गई और उनसे आर्शीवाद लिया. उसके बाद जयपुर कलक्टर जगरूप सिंह यादव(Jaipur Collector Jagrup Singh Yadav) ने उसकी पढाई के बारे में पूछा. उसको क्या सब्जेक्ट पसंद हैं, क्या हॉबी हैं? तो अमिता टांक ने बताया की पहले उसे डॉक्टर बनने की इच्छा थी लेकिन अब उसका इरादा बदल चुका है. अब वो एसडीएम बनना चाहती है. अमिता टांक(Amita Tank) अब कलक्टर पापा के दिए हुए नए कपड़े पहनेगी और दीपावली पर पटाखे चलाकर सेलिब्रेट करेगी.

पापा ने बिटियां को दी यह सीख
कलक्टर पापा ने बेटी को चॉकलेट खिलाकर प्यार बांटा. इस दौरान कलक्टर पिता जगरूप सिंह यादव ने बालिका को लगन के साथ पढ़ाई करने की सीख दी. इसके अलावा डिबेट में भाग लेने को कहा. कलेक्टर ने बालिका को पढ़ाई जारी रखने की सीख देते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.

जानिए क्या कह रहे हैं जयपुर कलक्टर
कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने बताया की पिछली सरकार में आपनी बेटी योजना के तहत अमिता टांक को गोद लिया था. लेकिन जब से उन्होने जयपुर कलक्टर का पदभार संभाला है उन्हे अमिता टांक की जानकारी नहीं थी. लेकिन जी मीडिया पर खबर देखने के बाद उन्होंने  इसकी जानकारी ली और बेटी से मिलने की इच्छा जताई. बता दें, एक महीने बाद कलक्टर जगरूप सिंह यादव का रिटायरमेंट हैं. 

2016 में सरकार ने लिया था गोद
आपको बता दें कि 2016 में पिछली सरकार के समय में आपणी बेटी योजना के तहत तत्कालीन जयपुर जिला कलक्टर सिद्धार्थ महाजन ने अमिता टांक को गोद लिया. जिसके बाद उसका गांधी नगर स्थित सरकारी स्कूल में दाखिल कराया. इसके अलावा बैंक में खाता खुलवा कर पैसे जमा करवाए गए. साथ ही गांधीनगर स्थित छात्रावास में रहने की व्यवस्था की गई.