close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जानिए खींवसर विधानसभा सीट से नारायण बेनीवाल के जीत की INSIDE STORY

नारायण बेनीवाल नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के छोटे भाई है. वर्तमान में वो खींवसर क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष हैं.

जानिए खींवसर विधानसभा सीट से नारायण बेनीवाल के जीत की INSIDE STORY
इस सीट से चुनाव जीतकर नारायण बेनीवाल ने अपने राजनीतिक सफर की नई पारी शुरू कर दी है.

जयपुर: राजस्थान के नागौर की खींवसर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव(Khinwsar Vidhansabha By elections 2019) में एनडीए उम्मीदवार नारायण बेनीवाल(Narayan Beniwal) ने कांग्रेस के हरेंद्र मिर्धा को हराकर साबित कर दिया कि नागौर में बेनीवाल परिवार का दबदबा अब भी कायम है. 

नारायण बेनीवाल नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के छोटे भाई है. वर्तमान में वो खींवसर क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष हैं. नारायण बेनीवाल को विरासत में ही राजनीति मिली और राजनीति का ककहरा उन्होंने परिवार में ही सीखा. उनके पिता रामदेव बेनीवाल भी विधायक रह चुके हैं. उसके बाद बड़े भाई हनुमान बेनीवाल(Hanuman Beniwal) ने राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया.

सांसद बनने के पहले हनुमान बेनीवाल खींवसर सीट से विधायक थे. बड़े भाई हनुमान बेनीवाल का कामकाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नारायण बेनीवाल लगातार संपर्क में रहते थे. चाहे पिछला लोकसभा चुनाव रहा हो या विधानसभा चुनाव. हनुमान बेनीवाल के प्लानर और आएएलपी के एजेंडे को जनता तक पहुंचाना. 

कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़े रखना और ग्रास रूट लेवल पर पर्दे के पीछे रहते हुए नायारण बेनीवाल ही थे. जिन्होंने आरएलपी को इनता मज़बूत कर दिया कि बीजेपी ने पिछले लोकसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल की पार्टी से हाथ मिला लिया. सियासी शह-मात के माहिर माने जाने वाले नारायण बेनीवाल ने एकबार फिर से साबित कर दिया कि जनता की नब्ज़ उनसे बेहतर तो कोई पकड़ ही नहीं सकता. जिसका फायदा उन्हें चुनाव में मिला. इस सीट से चुनाव जीतकर नारायण बेनीवाल ने अपने राजनीतिक सफर की नई पारी शुरू कर दी है.