टोंक: मनरेगा में फर्जी दस्तावेज लगाकर गबन किए गए 8 लाख, मामला दर्ज

जिले के बरौनी थाना क्षेत्र के नटवाड़ा ग्राम पंचायत में मनरेगा (MNREGA) में फर्जी दस्तावेज (Fake Documents)तैयार कर 8 लाख गबन का मामला सामने आया है.

टोंक: मनरेगा में फर्जी दस्तावेज लगाकर गबन किए गए 8 लाख, मामला दर्ज
अधिकारियों ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. (प्रतीकात्मक फोटो)

पुरुषोत्तम जोशी, टोंक: जिले के बरौनी थाना क्षेत्र के नटवाड़ा ग्राम पंचायत में मनरेगा (MNREGA) में फर्जी दस्तावेज (Fake Documents) तैयार कर 8 लाख गबन करने की बात सामने आई है. इस संबंध में एक मामला बरौनी थाने में दर्ज कराया गया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनरेगा में अपना खेत अपना काम योजना के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार करा के करीब 8 लाख का गबन किया गया. नटवाड़ा निवासी लक्ष्मण करण ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि इस मामले में एक दंत चिकित्सक डॉक्टर संजू कवर भी शामिल है. कवर निवाई में एक क्लिनिक चलाती हैं. जिसमें मस्टररोल में सुपरवाइजर (मेट) की है. सियत से खुद को दर्शाते हुए वेतन भी प्राप्त किया है.

पुलिस थाना बरौनी में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि सूचना के अधिकार(Right To Information) के तहत ग्राम पंचायत नटवाडा द्वारा मांगी गई. जिसमें पंचायत समिति की योजना अपना खेत अपना काम के तहत ग्राम नटवाड़ा में खसरा नंबर 1237 ,1238, एवं 1330 में निवासी भंवरसिंह तथा कमला देवी के खेत पर मेडबंदी तालाब की मिट्टी डालना सामूहिक कुआं निर्माण कार्य की सूचना ली गई. जिसमें इसने अपने आप को लघु कृषक श्रेणी में दर्शाया. जबकि यह व्यक्ति लघु श्रेणी में नहीं आते. भंवर कंवर व तेज कंवर सिंह के पास 70 बीघा भूमि है. नरेगा योजना के तहत तीनों ने फर्जीवाड़े से कार्य की स्वीकृति ले ली. तेज भंवर सिंह वर्तमान में समिति निवाई का सदस्य है. जिसकी पत्नी का नाम संजू कंवर है जो पेशे से दंत चिकित्सक हैं. जिन्होंने सरपंच पिंटू बेरवा ग्राम विकास अधिकारी मुकेश नट पंचायत समिति नरेगा में कार्यरत जे.ई.एन,ए.ई.एन एवं कार्यक्रम अधिकारी पंचायत समिति निवाई तत्कालीन पटवारी प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी रूप से लघु कृषक दर्शाकर भूमि के गलत तथ्य अंकित करते हुए मस्टररोल मे हाजरी गलत तरीक़े से डाल कर सरकारी राशि को हड़प लिया.

अधिकारियों ने नहीं दी प्रतिक्रिया
इस मामले पर टोंक जिला कलेक्टर रामचंद्र ढेनवाल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत व्यास ने जी मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया. वहीं, बीजेपी के निर्वाचित जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी ने कहा कि दोषियो पर कार्रवाई करवाएंगे.

डिप्टी सीएम पायलट का गृह जिला है टोंक
भ्रष्टाचार(Corruption) और मिलीभगत की यह कहानी नई नही है. लेकिन सवाल यह उठता है कि जिस महकमें के मुखिया सचिन पायलट है उनके गृह जिले में इस तरह चहेतो को लाभ देकर सरकारी खजाने को लूटा जा रहा है तो प्रदेश के अन्य जिलों म़े क्या हाल होंगे मनरेगा योजना है.