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भयंकर तबाही मचाने के बाद मानसून ने किया राजस्थान को अलविदा, तोड़ा 58 साल का रिकॉर्ड

राज्य के कई जिलों में भयंकर बारिश और तबाही लाने वाला मानसून की 9 अक्टूबर को प्रदेश को अलविदा कह दिया.

भयंकर तबाही मचाने के बाद मानसून ने किया राजस्थान को अलविदा, तोड़ा 58 साल का रिकॉर्ड
पश्चिमी विक्षोभ के चलते पोस्ट-मानसून की बारिश भी परेशान कर सकती है. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान में करीब 3 महीने और 11 दिनों की मानसून की मेहरबानी (Monsoon In Rajasthan) के बाद आखिरकार राजस्थान से मानसून विदा हो गया. प्रदेश (Rajasthan) में 26 जून को मानसून ने दस्तक दी. लेकिन शुरुआती दौर में कमजोर रहे मानसून ने समय के साथ जो रफ्तार पकड़ी उसके बाद मानसून ने प्रदेश में कई रिकॉर्ड तोड़ दिए.

इस साल प्रदेश में करीब 774 एमएम से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. जिसके चलते प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों में जिंदगी बेपटरी हो गई.

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9 अक्टूबर को हुई विदाई
आपको बता दें कि इस साल 28 जून 2019 को प्रदेश में मानसून ने दस्तक दी. जिसकी विदाई 9 अक्टूबर 2019 को हुई. लेकिन विदाई से पहले प्रदेश में मानसून ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़े. 

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टूटा 58 साल का रिकॉर्ड
वहीं मानसून की विदाई में भी इस बार 58 सालों का रिकॉर्ड टूटा. इस साल जहां मानसून 9 अक्टूबर को विदा हुआ. वहीं इससे पहले अंतिम बार साल 1961 में मानसून ने 1 अक्टूबर को विदाई ली थी. 1 जून से 30 सितंबर तक रहने वाले इस मानसून सीजन में इस साल मानसून 9 दिन देरी तक बना रहा. इस दौरान प्रदेश में औसत से 46 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई.

दर्ज हुई 774.38 एमएम बारिश
प्रदेश में बीते कुछ सालों की बात की जाए तो औसत 530 एमएम बारिश दर्ज की जाती रही है. लेकिन इस साल राजस्थान में 774.38 एमएम बारिश दर्ज की गई. इसके साथ ही सबसे ज्यादा कोटा संभाग में औसत से 76.9 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई. अजमेर संभाग में औसत से 58.7 फीसदी, जयपुर संभाग में औसत से 16.6 फीसदी ज्यादा, उदयपुर संभाग में औसत से 65.3 फीसदी ज्यादा, जोधपुर संभाग में औसत से 18.8 फीसदी ज्यादा, भरतपुर संभाग में औसत से 3.1 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई. वहीं इस साल बीकानेर में मानसून की थोड़ी बेरुखी रही. बीकानेर संभाग में इस साल औसत से 8.8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई.

बारिश ने दी राहत और दिखाए रौद्र रूप
मानसून जहां इस साल लोगों के लिए राहत बनकर बरसा. वहीं कोटा, बारां, झालावाड़ में मानसून ने अपने रौद्र रूप भी दिखाया. जहां भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात भी बन गए. लेकिन अब मानसून प्रदेश से विदा हो चुका है. लेकिन साथ ही मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते पोस्ट-मानसून की बारिश भी प्रदेश के कई जिलों में लोगों को परेशान कर सकती है.