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पुलिस कांस्टेबल नेकीराम जाखड़ के परिजनों को नहीं मिली आर्थिक सहायता, जानिए पूरा मामला

राजस्थान पुलिस(Rajasthan Police) के 14 साल पहले शहीद हुए जवान के परिजनों को आज भी आर्थिक मदद के लिए पुलिस और प्रशासन का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

पुलिस कांस्टेबल नेकीराम जाखड़ के परिजनों को नहीं मिली आर्थिक सहायता, जानिए पूरा मामला
शहीद पुलिसकर्मी के भाई.

जयपुर: राजस्थान पुलिस(Rajasthan Police) के 14 साल पहले शहीद हुए जवान के परिजनों को आज भी आर्थिक मदद के लिए पुलिस और प्रशासन का चक्कर लगाना पड़ रहा है. लेकिन उसे हर जगह मायूसी ही मिल रही है. 

परिजनों का आरोप है कि अन्य शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिवार को विशेष पैकेज सरकार की ओर से दिया जा चुका है. लेकिन उनके मामले में उच्चाधिकारी अपना पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे है.

बताया जा रहा है कि 20 दिसंबर 2005 को कांस्टेबल नेकीराम जाखड़ अपनी टीम के साथ अपराधियों को पकड़ने के लिए चौगान स्टेडियम गये थे. इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. जिसमें कांस्टेबल नेकी राम शहीद हो गये. पुलिस विभाग की ओर से कांस्टेबल को शहीद का दर्जा भी दे दिया गया. 

इस निर्णय के बाद राज्य में कई शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार को इस विशेष पैकेज के जरिए मदद दी गयी. लेकिन इस पैकेज को बनाने के लिए जिस बहादुर पुलिसकर्मी का उदाहरण तक पेश किया गया उसे अब तक सरकार की ओर से सहायता नहीं मिल सकी.

पुलिस मुख्यालय से वर्ष 2007 में 3 शहीदों के लिए आर्थिक पैकेज के आदेश दे दिये गये. लेकिन 2 शहीदों को तो आर्थिक पैकेज दे दिया गया. लेकिन नेकीराम का परिवार आज भी सहायता की उम्मीद लगाये बैठा है. शहीद के भाई का कहना है कि मानवाधिकार आयोग ने भी मामले में सहायता पैकेज देने को कहा. लेकिन अब तक विशेष पैकेज की फाईल दफ्तरों के ही चक्कर काट रही है.

राजस्थान पुलिस के इस जाबांज पुलिसकर्मी ने अपनी जान अपने फर्ज के आगे न्यौछावर कर दी. इसके कामों की वजह से शहीदों के लिए नये पैकेज की घोषणा केन्द्र सरकार की ओर से कर दी गयी. जिसका फायदा कई शहीदों के परिवारों को मिला, लेकिन जिसने मिशाल कायम की उसका परिवार ही आज दर दर की ठोकरे खा रहा है.