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राजस्थान: अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर पुलिस की वृद्धों को सौगात, लॉन्च की यह ऐप

पुलिस की माने तो रजिस्टर करने वाले सीनियर सिटीजन को इस ऐप पर अपनी निजी जानकारी देनी होगी. हालांकि उनकी ये निजी जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी. 

राजस्थान: अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर पुलिस की वृद्धों को सौगात, लॉन्च की यह ऐप
पुलिस की माने तो रजिस्टर करने वाले सीनियर सिटीजन को इस ऐप पर अपनी निजी जानकारी देनी होगी.

जयपुर: प्रदेश में सीनियर सिटीजन्स के साथ बढ़ते अपराधों और अन्य परेशानियों को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने नई पहल की है. अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर राजस्थान पुलिस ने डीओआईटी विभाग की ओर से तैयार किए गए सीनियर सिटीजन सिक्योरिटी ऐप की लॉचिंग की है. पुलिस मुख्यालय में डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव ने इस मोबाइल ऐप की लॉचिंग कर इसे सीनियर सिटीजन्स को समर्पित किया.

सीनियर सिटीजन सिक्योरिटी के नाम से ऐप तैयार किए गए इए मोबाइल ऐप को गूगल प्ले स्टोर से अपने स्मार्ट फोन में डाउनलोड किया जा सकता है. किसी भी सीनियर सिटीजन द्वारा इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद उन्हें किसी भी आपात स्थिति में पेनिक बटन दबाना होगा. बटन को टच करते ही यह सूचना पुलिस और हेल्पलाइन के पास चली जाएगी. सूचना मिलने पर जल्द नजदीकी थाना और बीट कांस्टेबल सीनियर सिटीजन के पास पहुंचेंगे. इसके अलावा लीगल, पेंशन, हेल्थ संबंधी परेशानियों में भी सीनियर सिटीजन अपनी शिकायत ऐप के जरिए दर्ज करा सकेंगे. हैल्पऐज इण्डिया के इस ऐप के संचालन में सहयोग करेगा.

पुलिस की माने तो रजिस्टर करने वाले सीनियर सिटीजन को इस ऐप पर अपनी निजी जानकारी देनी होगी. हालांकि उनकी ये निजी जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी. खास बात ये है कि अगर किसी सीनियर सिटीजन को कुछ भी गलत लगे तो वो ऑडियो और वीडियो भी शेयर कर सकेंगे. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर सीनियर सिटीजन सिक्योरिटी ऐप को सफलता मिलने के बाद अब इसे पूरे राजस्थान में शुरू किया गया है. हालांकि, अभी इस ऐप में कुछ तकनिकी खामियां सामने आ रही है लेकिन पुलिस जल्द पुलिस की ओर से इसे दुरूस्त करने का दावा भी किया गया है.

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के मौके पर राजस्थान पुलिस ने सीनियर सिटीजन सिक्योरिटी ऐप के रूप में सीनियर सिटीजन को एक सौगात तो दे दी है. पुलिस ने इस ऐप के संचालन में एनजीओ हैल्पऐज इण्डिया के सहयोग का दावा भी किया है लेकिन प्रदेश में ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमीं और स्मार्ट फोन ऑपरेशन की जानकारी नहीं होने से सीनियर सिटीजन्स पुलिस की ओर से शुरू की गई इस सेवा से महरूम भी रह सकते है.