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राजस्थान: धरने पर बैठे PTI अभ्यर्थियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, मची भगदड़

अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनपर लाठीचार्ज किया गया है. इस पूरे घटनाक्रम में एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों को चोटें आई और उनको ट्रोमा वार्ड में भर्ती कराया गया.

राजस्थान: धरने पर बैठे PTI अभ्यर्थियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, मची भगदड़
गुस्साए अभ्यर्थी आज गोविंद सिंह डोटासरा से करेंगे मामले में कार्रावई की मांग.

जयपुर: राजधानी जयपुर में गुरुवार रात को करीब 9 बजे शहीद स्मारक स्थल पर भगदड़ मच गई. ये भगदड़ पुलिस के चलते मची थी. दरअसल, चयनित PTI अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग को लेकर शहीद स्मारक स्थल पर धरने पर बैठे थे. जब पुलिस का जाब्ता धरना स्थल पर पहुंचा तो उस वक्त 11 चयनित अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे थे. 

जिसके बाद शुक्रवार सुबह से ही बड़ी संख्या में चयनित व्यक्ति सिविल लाइन्स पर इकट्ठा होने लगे हैं. गुरुवार रात को पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के कारण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को चोट आई है. जिसके चलते अभ्यर्थियों में आक्रोश की भावना है और वो पुलिस के खिलाफ मामले में कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर आज शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात करेंगे. जिसके बाद उनसे मामले में पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी. 

जाने पूरा मामला
पुलिस ने गुरुवार रात को अनशन पर बैठे पीटीआई अभ्यर्थियों को हटाने के लिए बात की लेकिन अभ्यर्थियों ने हटने से साफ इनकार कर दिया. उसके बाद तकरीबन 9.30 बजे भारी पुलिस जाब्ता शहीद स्मारक स्थल पर पहुंचा और हटाने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया. 

अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनपर लाठीचार्ज किया गया है. इस पूरे घटनाक्रम में एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों को चोटें आई और उनको ट्रोमा वार्ड में भर्ती कराया गया. SMS अस्पताल में देर रात तक 150 से 200 अभ्यर्थी मौजूद रहे. उनका कहना था कि अगर शहीद स्मारक स्थल पर उन्हें धरना नहीं देने दिया तो वो अस्पताल में ही धरने पर बैठ जाएंगे. 

साथ ही अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक उनको नियुक्ति नहीं दी जाती तब तक धरना जारी रहेगा. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उनके पास धरने पर बैठने की अनुमति थी. बावजूद इसके पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया. वहीं प्रशासन पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है.

इस वजह से धरने पर बैठे हैं अभ्यर्थी
दरअसल, राजस्थान सरकार ने 4700 पदों पर शिक्षकों की भर्ती निकाली थी. उसी की फाइनल लिस्ट और नियुक्ति के आदेश की मांग को लेकर चयनित अभ्यर्थी धरना दे रहे हैं. इससे पहले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और शिक्षा मंत्री को इस बाबत ज्ञापन भी सौंपा था. यहां तक की राजस्थान कर्मचारी बोर्ड के अध्यक्ष से भी इन्होने मांग की थी लेकिन किसी तकनीकी खामी के चलते फाइनल लिस्ट और नियुक्ति के आदेश अबतक जारी नहीं हो पाए हैं.